MP News : केंद्र-एमपी सरकार के बीच साइन हुआ एमओयू , ग्वालियर में बनेगा देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन
ग्वालियर : मध्य प्रदेश के ग्वालियर को देश के दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र में बड़ी पहचान मिलने जा रही है। ग्वालियर में देश का पहला Telecom Manufacturing Zone (TMZ) विकसित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए केंद्र सरकार और मध्य प्रदेश सरकार के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस दौरान केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मौजूद रहे।
350 एकड़ में विकसित होगा अत्याधुनिक जोन
प्रस्तावित Telecom Manufacturing Zone को करीब 350 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। इसे आधुनिक Plug-and-Play मॉडल पर तैयार करने की योजना है, ताकि टेलीकॉम क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों को विश्वस्तरीय औद्योगिक सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराई जा सकें। परियोजना के पहले चरण में बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से 500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मंजूर की गई है।
मोबाइल से 5G-6G तक बनेगा बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब
इस इंटीग्रेटेड परिसर में मोबाइल फोन, नेटवर्क उपकरण, फाइबर ऑप्टिक्स और अन्य दूरसंचार उत्पादों के निर्माण के साथ अत्याधुनिक तकनीकों पर रिसर्च और डेवलपमेंट की सुविधाएं विकसित करने की योजना है। यहां 5G और 6G तकनीक से जुड़े अनुसंधान, डिजाइन, टेस्टिंग और उत्पादन के लिए भी आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा।
35 हजार करोड़ रुपये तक निवेश का अनुमान
परियोजना से मध्य प्रदेश में बड़े निवेश और रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के अनुसार, Telecom Manufacturing Zone के जरिए प्रदेश में करीब 35 हजार करोड़ रुपये तक के कुल निवेश का अनुमान है। इससे 14 हजार से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।
पहले चरण में बड़ी कंपनियां करेंगी निवेश
परियोजना के शुरुआती चरण में Dixon Technologies, HFCL और Tejas Networks जैसी कंपनियों की ओर से करीब 2 हजार करोड़ रुपये के निवेश की जानकारी दी गई है। इससे ग्वालियर में टेलीकॉम उपकरणों के निर्माण और इससे जुड़े औद्योगिक नेटवर्क को गति मिलने की उम्मीद है।
आत्मनिर्भर भारत को मिलेगी नई रफ्तार
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने Telecom Manufacturing Zone को मध्य प्रदेश और देश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि भारत को टेलीकॉम क्षेत्र में केवल सेवा प्रदाता नहीं, बल्कि एक मजबूत उत्पादक और निर्यातक के रूप में आगे बढ़ना होगा। उनके मुताबिक यह परियोजना Make in India, Digital India, आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को मजबूती देगी।
SPV के जरिए होगा परियोजना का संचालन
TMZ के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक Special Purpose Vehicle (SPV) गठित किया जाएगा। इसमें मध्य प्रदेश शासन की 51 प्रतिशत और दूरसंचार विभाग की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी प्रस्तावित है। परियोजना के आकार लेने के साथ ग्वालियर के देश के प्रमुख Telecom Manufacturing और Technology Hub के रूप में उभरने की उम्मीद है।