MP News : श्रावण के पहले सोमवार पर शाही सवारी: मनमहेश स्वरूप में नगर भ्रमण पर निकले बाबा महाकाल, जयघोष से गूंजा उज्जैन
MP News : उज्जैन। श्रावण मास के प्रथम सोमवार पर धर्मनगरी उज्जैन भक्ति और आस्था के रंग में सराबोर नजर आई। भगवान श्री महाकाल अपनी पारंपरिक शाही सवारी में मनमहेश स्वरूप धारण कर चांदी की पालकी में विराजमान हुए और नगर भ्रमण पर निकले। बाबा महाकाल के दर्शन के लिए सड़कों पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूरे शहर में "जय श्री महाकाल" के जयघोष गूंजते रहे और भक्तों ने पुष्पवर्षा कर अपने आराध्य का स्वागत किया।
महाकालेश्वर मंदिर में विधि-विधान से पूजन-अर्चन के बाद शाम करीब 4 बजे शाही सवारी मंदिर परिसर से शुरू हुई। मंदिर के मुख्य द्वार पर पुलिस बैंड और जवानों ने बाबा महाकाल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद पारंपरिक वाद्ययंत्रों, घुड़सवार दल, पुलिस टुकड़ियों और भजन मंडलियों के साथ शाही सवारी अपने निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ी।
इस बार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर शाही सवारी में आदिवासी कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में मनमोहक लोकनृत्य प्रस्तुत किया, जिसने श्रद्धालुओं का विशेष आकर्षण खींचा। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और धार्मिक उत्साह ने पूरे आयोजन को और भव्य बना दिया।
करीब आठ किलोमीटर लंबी यह शाही सवारी महाकाल चौराहा, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी होते हुए रामघाट पहुंची। यहां मां क्षिप्रा के पावन जल से भगवान महाकाल का जलाभिषेक और विशेष पूजन किया गया। इसके बाद सवारी रामानुजकोट, कार्तिक चौक, ढाबा रोड, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और गुदरी बाजार सहित विभिन्न मार्गों से होते हुए पुनः श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंची।
सवारी मार्ग पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। जगह-जगह फूल बरसाकर बाबा महाकाल का स्वागत किया गया। मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सवारी का सीधा प्रसारण सोशल मीडिया के माध्यम से किया। साथ ही चलित एलईडी रथ पर भी शाही सवारी का लाइव प्रसारण दिखाया गया, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन कर सकें।
श्रद्धालुओं और मंदिर के पुजारियों ने सवारी मार्ग के सौंदर्यीकरण और विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि बेहतर व्यवस्थाओं के कारण इस वर्ष श्रद्धालुओं को दर्शन और आवागमन में पहले की तुलना में अधिक सुविधा मिली।