MP News : रवानगी रोकने की कीमत मांगना पड़ा भारी, 5 हजार की रिश्वत लेते मेडिकल ऑफिसर लोकायुक्त के जाल में फंसे
पत्नी के संलग्नीकरण आदेश को निरस्त कराने के नाम पर मांगे थे 10 हजार
MP News : शहडोल। मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त रीवा की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में शहडोल जिले के जयसिंहनगर क्षेत्र में पदस्थ एक मेडिकल ऑफिसर को 5,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पर शिकायतकर्ता की पत्नी को कार्यमुक्त (रवानगी) नहीं देने और संलग्नीकरण आदेश निरस्त कराने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है।
लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, उमरिया जिले के पटनार खुर्द निवासी वीरेंद्र सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी पत्नी पार्वती सिंह के संलग्नीकरण आदेश को निरस्त कराने और उन्हें कार्यमुक्त नहीं करने के एवज में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उफरी में पदस्थ डॉ. महेश चंद्र शर्मा ने 10,000 की रिश्वत मांगी थी।
शिकायत के सत्यापन के दौरान यह पुष्टि हुई कि आरोपी डॉक्टर ने पहली किस्त के रूप में 5,000 लेने की सहमति जताई थी, जबकि शेष राशि बाद में लेने की बात कही थी। इसके बाद लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक योगेश्वर शर्मा के निर्देशन में ट्रैप टीम का गठन किया गया।
शुक्रवार को जयसिंहनगर बस स्टैंड पर बिछाए गए जाल में लोकायुक्त टीम ने डॉ. महेश चंद्र शर्मा को 5,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।