Mahakumbh 2025 : उद्योगपति गौतम अडानी होंगे पुण्य के भागी, त्रिवेणी संगम में करेंगे पूजन
इस दौरान वे त्रिवेणी संगम में पूजन करेंगे, इस्कॉन पंडाल में भंडारा सेवा करेंगे और बाद में बड़े हनुमान जी के दर्शन करेंगे।
Mahakumbh 2025 : प्रयागराज। महाकुंभ 2025 का आयोजन इस साल अभूतपूर्व भव्यता के साथ हो रहा है और इसमें दुनिया भर से श्रद्धालु अपनी आस्था व्यक्त करने के लिए संगम आ रहे हैं। इस बीच उद्योगपति गौतम अडानी भी 21 जनवरी 2025 को पुण्य के भागी बनने के लिए संगम नगरी पहुंचेंगे। इस दौरान वे त्रिवेणी संगम में पूजन करेंगे, इस्कॉन पंडाल में भंडारा सेवा करेंगे और बाद में बड़े हनुमान जी के दर्शन करेंगे।
Mahakumbh 2025 : बता दें कि गौतम अडानी का यह पवित्र यात्रा आयोजन महाकुंभ की महिमा को और भी बढ़ाएगा, क्योंकि महाकुंभ में आस्था और श्रद्धा के अलग-अलग रूपों का प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। संगम में हर दिन लाखों श्रद्धालु आकर अपनी श्रद्धा अर्पित कर रहे हैं और गौतम अडानी जैसे उद्योगपतियों का इस आयोजन में शामिल होना इसे और भी ऐतिहासिक बना देता है।
Mahakumbh 2025 : महाकुंभ में श्रद्धालुओं का उमड़ता हुआ सैलाब-
महाकुंभ 2025 में अब तक 8.26 करोड़ श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा चुके हैं, जबकि 10 लाख से अधिक लोग महाकुंभ के दौरान कल्पवास कर रहे हैं। सोमवार, 22 जनवरी तक 12.79 लाख श्रद्धालु संगम में स्नान करने के लिए पहुंचे, और इस दिन तक कुल 22.79 लाख लोग डुबकी लगा चुके हैं। अनुमान है कि मौनी अमावस्या के दिन 8 से 10 करोड़ श्रद्धालु संगम में स्नान करेंगे, जिसके लिए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और भी मजबूत किया है।
Mahakumbh 2025 : देश और विदेश से बड़ी हस्तियों की भागीदारी-
महाकुंभ में देश-विदेश की कई प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति रही है। Apple की मालकिन लॉरेन पॉवेल ने भी संगम में डुबकी लगाई, और इसके अलावा 10 देशों का अंतरराष्ट्रीय प्रतिमंडल भी महाकुंभ का भ्रमण कर चुका है। इस दौरान 21 विदेशी मेहमानों ने संगम में स्नान किया। भारतीय नेताओं में, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सांसद रवि किशन सहित कई अन्य नेताओं ने भी इस पवित्र अवसर पर डुबकी लगाई।
Mahakumbh 2025 : सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ मंत्रिमंडल की संगम यात्रा-
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 22 जनवरी को अपने मंत्रिमंडल के साथ त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाने के लिए पहुंचेंगे। यह महाकुंभ का एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक हिस्सा होगा, जो राज्य सरकार के लिए एक विशेष अवसर साबित होगा।