Magh Purnima: किस दिन है माघ पूर्णिमा? जानें दान - स्नान का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र और धार्मिक महत्व

माघ पूर्णिमा

By :  Vpb
Update: 2026-01-30 08:46 GMT

Magh Purnima: हिंदू धर्म में माघ पूर्णिमा (माघी पूर्णिमा) का विशेष महत्व है। यह माघ मास के स्नान का अंतिम और सबसे प्रमुख दिन माना जाता है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, दान, जप और पुण्य कर्म से अक्षय पुण्य प्राप्ति होती है तथा सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है। माघ पूर्णिमा के समापन पर फाल्गुन मास आरंभ होता है। इस साल यह पर्व 1 फरवरी, रविवार को मनाया जाएगा। इस दिन कई दुर्लभ शुभ संयोग बन रहे हैं, जिससे इसका धार्मिक महत्व और बढ़ गया है। भक्तों के लिए दान, स्नान और अनुष्ठान अत्यंत फलदायी सिद्ध होंगे।

Magh Purnima: द्रिक पंचांग के अनुसार, माघ मास की पूर्णिमा तिथि 1 फरवरी सुबह 5:52 बजे (कुछ स्रोतों में 5:51-5:55) से आरंभ होकर 2 फरवरी सुबह 3:38 बजे तक रहेगी। उदय तिथि के आधार पर माघ पूर्णिमा 1 फरवरी को ही मनाई जाएगी। इस दिन रवि पुष्य योग (सुबह 7:11 से रात 11:59 तक), सर्वार्थ सिद्धि योग, प्रीति योग, आयुष्मान योग और चतुर्ग्रही योग जैसे शुभ योग बन रहे हैं। शुक्र उदय भी रहेगा, जो सुख-समृद्धि बढ़ाता है।

Magh Purnima: स्नान और दान का शुभ मुहूर्त:

स्नान और दान के लिए ब्रह्म मुहूर्त सबसे उत्तम है, जो सुबह 5:24 से 6:17 बजे तक रहेगा। इसके बाद भी स्नान किया जा सकता है। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:13 से 12:57 बजे तक लाभकारी है। गंगा या अन्य पवित्र जल में स्नान करें; घर पर गंगाजल मिलाकर भी स्नान पुण्यदायी है।

Magh Purnima: पूजा विधि:

Magh Purnima: स्नान के बाद तांबे के लोटे में जल, अक्षत, सिंदूर और लाल पुष्प डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें, “ॐ सूर्याय नमः” मंत्र जपें। फिर भगवान विष्णु, शिव, हनुमान और लक्ष्मी की विधिवत पूजा करें। सामर्थ्य अनुसार अन्न, वस्त्र, घी, तिल, गुड़, फल आदि का दान करें।

Magh Purnima: मंत्र जाप:

विष्णु मंत्र - ॐ नमो नारायणाय, ॐ नमो भगवते वासुदेवाय, ॐ श्री विष्णवे च विद्महे...।

लक्ष्मी मंत्र - ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभ्यो नमः, ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले...।

इस शुभ दिन पर ये अनुष्ठान मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।

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