अदालत में बहस करते हुए वकील को आया हार्ट अटैक, कोर्ट में फैला शोक...

कोर्ट के कर्मचारियों ने निजी कार से उन्हें अस्पताल पहुँचाया, लेकिन वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने उनकी मृत्यु की पुष्टि की।

Update: 2024-10-22 07:16 GMT
Bihar News : बक्सर। सिविल कोर्ट में मंगलवार को एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी, जब 66 वर्षीय वरिष्ठ वकील सुरेंद्र तिवारी को अदालत में बहस करते समय अचानक हार्ट अटैक आया और उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। यह हादसा तब हुआ जब वे अपर सत्र न्यायाधीश दशम की कोर्ट में एक मामले पर बहस कर रहे थे। अचानक गिरने के बाद अदालत में मौजूद लोगों ने तत्काल सीपीआर देकर उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन वह असफल रही। बाद में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।



Bihar News : बता दें कि मूल रूप से बभनी निवासी सुरेंद्र तिवारी ने 40 वर्षों से वकालत की प्रैक्टिस कर रखी थी। वे मंगलवार को सुबह 11.30 बजे के आसपास कोर्ट में बहस कर रहे थे, जब अचानक उनका स्वास्थ्य बिगड़ गया। अदालत में मौजूद जज राकेश कुमार ने तुरंत चिकित्सा सहायता के लिए कदम उठाया। हालाँकि, प्रारंभिक उपचार और सीपीआर देने के बाद भी उन्हें होश में नहीं लाया जा सका। कोर्ट के कर्मचारियों ने निजी कार से उन्हें अस्पताल पहुँचाया, लेकिन वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने उनकी मृत्यु की पुष्टि की।


Bihar News : वकील सुरेंद्र तिवारी का व्यक्तित्व-
सुरेंद्र तिवारी पटना यूनिवर्सिटी से एलएलबी की डिग्री प्राप्त कर एक सफल और प्रतिष्ठित वकील के रूप में उभरे थे। वह कांग्रेस नेता मोहन तिवारी के भतीजे भी थे और वे अद्वैत, धर्म, वेद और ध्यान से संबंधित चर्चाओं में सक्रिय रूप से भाग लेते थे। अपने 40 साल के करियर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों की वकालत की थी। उनके निधन से कोर्ट परिसर में शोक की लहर दौड़ गई, जिसमें जज, वकील और अन्य कर्मचारियों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया।  तिवारी अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। बक्सर शहर में उनका घर एमवी कॉलेज के पास चरित्रवन में है।
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