Karnataka Congress: इस्लाम अपनाने को तैयार थे बाबासाहेब आंबेडकर, कांग्रेस नेता के बयान से हंगामा, कहा-डॉ जी परमेश्वर 'पीर साहब' होते और...
Karnataka Congress: कर्नाटक कांग्रेस नेता सईद अजीम पीर खादरी ने मंगलवार को यह दावा करके विवाद खड़ा कर दिया है कि बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर इस्लाम धर्म
By : Pradeep Sharma
Update: 2024-11-12 07:29 GMT
नई दिल्ली/हैदराबाद। Karnataka Congress: कर्नाटक कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक सईद अजीम पीर खादरी ने मंगलवार को यह दावा करके विवाद खड़ा कर दिया है कि बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर इस्लाम धर्म अपनाने के लिए तैयार थे। अजीम पीर खादरी ने कहा है कि अगर ऐसा हुआ होता तो राज्य के गृह मंत्री जी. परमेश्वर और कई दलित आज मुसलमान होते। खादरी कर्नाटक के शिवगांव में एक राजनीतिक रैली को संबोधित कर रहे थे।
Karnataka Congress: कांग्रेस नेता अजीम पीर खादरी ने भाषण में कहा, मैंने पढ़ा था कि बाबा साहेब आंबेडकर अपने आखिरी दिनों में बौद्ध धर्म में शामिल हुए थे लेकिन अगर वह बौद्ध धर्म न अपनाते तो वह इस्लाम धर्म को अपनाने के लिए पूरी तरह तैयार थे।” खादरी ने आगे कहा कि अगर बाबासाहेब आंबेडकर इस्लाम धर्म अपनाते तो उनका नाम एल हनुमंथैया हसन साब होता। उनका यह बयान खास तौर पर मुस्लिम और दलित के बीच रिश्ते से जुड़ा था।
डॉ जी परमेश्वर 'पीर साहब' होते और...
खादरी ने आगे कहा, आज भी मुस्लिम और दलितों के बीच एक गहरा रिश्ता है। आप कहीं भी दलितों को देखेंगे, वहां अक्सर मुस्लिम दरगाहें भी होंगी।” उनके मुताबिक दोनों समुदायों के बीच एक गहरा जुड़ाव है और आंबेडकर भी इस रिश्ते को समझते थे। कांग्रेस नेता ने दावा किया, अगर बाबासाहेब आंबेडकर इस्लाम में शामिल हो गए होते तो रामप्पा (तिम्मापुर) रहीम होते, डॉ जी परमेश्वर 'पीर साहब' होते, हनुमंत गौड़ा हसन होते और मंजूनाथ तिम्मापुर 'महबूब' होते।"
Karnataka Congress: भाजपा का हमला
वहीं कांग्रेस नेता पर हमला करते हुए भाजपा ने कहा कि खादरी का बयान उनकी और उनकी पार्टी की अज्ञानता को दर्शाता है। भाजपा नेता सीटी रवि ने कहा, हैदराबाद निजाम द्वारा आंबेडकर को इस्लाम में शामिल करने के प्रयास किए गए थे और उन्होंने उन्हें करोड़ों रुपए की रिश्वत देने का प्रयास किया था। आंबेडकर ने स्पष्ट रूप से कहा था कि इस्लाम में समानता नहीं है और इसमें असहिष्णुता है।
बता दें है कि सैयद अजीम पीर खादरी ने टिकट न मिलने पर पार्टी से बगावत कर दी थी और शिगगांव विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में निर्दलीय के रूप में नामांकन दाखिल किया था। इससे पहले 8 नवंबर को कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि भाजपा और RSS बाबासाहेब आंबेडकर के संविधान से छुटकारा पाना चाहते हैं और इसे मनुस्मृति की विचारधारा पर आधारित संविधान से बदलना चाहते हैं। पार्टी ने यह भी कहा कि इसीलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जाति जनगणना को देश को बांटने की कोशिश कहा है।