JSSC JE पेपर लीक मामले में SIT की बड़ी कार्रवाई, परीक्षा एजेंसी का डायरेक्टर गिरफ्तार

झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की कनीय अभियंता (डिप्लोमा) प्रतियोगी परीक्षा 2022 के पेपर लीक मामले में जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) को अहम सफलता मिली है।

Update: 2026-08-11 13:32 GMT

रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की कनीय अभियंता (डिप्लोमा) प्रतियोगी परीक्षा 2022 के पेपर लीक मामले में जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) को अहम सफलता मिली है। SIT ने परीक्षा संचालन एजेंसी के संचालक और निदेशक अरुण कुमार को मुंबई से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान पेपर लीक करने वाले गिरोह और परीक्षा संचालन एजेंसी से जुड़े लोगों के बीच कथित संबंधों के महत्वपूर्ण साक्ष्य सामने आए हैं। गिरफ्तारी के बाद अरुण कुमार को 10 अगस्त 2026 को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

1,279 पदों के लिए आयोजित हुई थी परीक्षा

JSSC ने कनीय अभियंता के 1,279 पदों पर भर्ती के लिए 3 जुलाई 2022 को प्रतियोगी परीक्षा आयोजित की थी। परीक्षा की पहली पाली शुरू होने से पहले ही प्रश्नपत्र और आंसर-की के वायरल होने की जानकारी सामने आई थी। मामला सामने आने के बाद आयोग ने परीक्षा को रद्द कर दिया था। इसके बाद एक अभ्यर्थी की शिकायत पर नामकुम थाने में मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने जांच शुरू की।

SIT ने शुरू की पूरे मामले की जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए विशेष जांच टीम का गठन किया गया। पुलिस ने संबंधित आपराधिक धाराओं के साथ आईटी एक्ट और परीक्षा संचालन से जुड़े कानूनों के तहत केस दर्ज किया। जांच आगे बढ़ने पर SIT ने पेपर लीक की घटना से जुड़े कई पहलुओं की पड़ताल की और परीक्षा संचालन एजेंसी की भूमिका पर भी जांच केंद्रित की।

पटना में अभ्यर्थियों को पहले से बताए गए थे सवाल

जांच में कथित तौर पर सामने आया कि पेपर लीक होने के बाद एक गिरोह ने पटना में कुछ अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले प्रश्न और उनके उत्तर उपलब्ध कराए थे। आरोप है कि अभ्यर्थियों को सवाल-जवाब याद करवाने की व्यवस्था भी की गई थी। SIT को इस पूरे नेटवर्क से जुड़े लोगों और परीक्षा संचालन एजेंसी के बीच कथित कनेक्शन के सबूत मिलने के बाद अरुण कुमार की गिरफ्तारी की गई।

एजेंसी के कई लोगों पर पहले ही हो चुकी है कार्रवाई

इस मामले में SIT और पुलिस पहले भी कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच के दौरान रजीत मंडल, दीपक कुमार, अभिषेक कुमार, दीपक श्रीवास्तव और परीक्षा एजेंसी के सीनियर मैनेजर कृष्ण कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। अब एजेंसी के निदेशक की गिरफ्तारी के बाद जांच को आगे बढ़ाते हुए पेपर लीक नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।

फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी

पुलिस के मुताबिक, मामले से जुड़े अन्य संदिग्ध और फरार आरोपियों की तलाश जारी है। SIT अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर रही है और जांच में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पेपर लीक मामले में शामिल पूरे नेटवर्क की भूमिका सामने लाने के लिए जांच लगातार जारी रहेगी।

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