JPSC Exam Case : CID का बड़ा एक्शन, 5 जिलों में 18 ठिकानों पर छापेमारी; OMR कॉपी से लेकर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस तक बरामद
रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच अब और तेज हो गई है। मामले की पड़ताल कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (CID) की टीम ने सोमवार, 3 अगस्त को राज्य के पांच जिलों में एक साथ 18 ठिकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में जांच एजेंसी के हाथ कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लगे हैं, जिनकी जांच के जरिए कथित परीक्षा गड़बड़ी से जुड़े नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
रांची समेत पांच जिलों में एक साथ कार्रवाई
CID ने रांची के अलावा पलामू, हजारीबाग, बोकारो और धनबाद में अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की। एक साथ हुई इस कार्रवाई को JPSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच के लिहाज से अहम माना जा रहा है। जांच एजेंसी ने तलाशी के दौरान कई ऐसे दस्तावेज और उपकरण बरामद किए हैं, जिनसे मामले में आगे की जांच को दिशा मिल सकती है।
लैपटॉप, मोबाइल और OMR शीट की कार्बन कॉपी मिली
छापेमारी के दौरान CID को लैपटॉप, मोबाइल फोन, बैंक पासबुक और चेकबुक के अलावा अभ्यर्थियों की OMR शीट की कार्बन कॉपी, एडमिट कार्ड, मार्कशीट समेत कई दस्तावेज मिले हैं। एजेंसी अब बरामद सभी सामग्रियों की बारीकी से जांच करेगी। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से मिले डेटा और दस्तावेजों के बीच संभावित संबंधों की भी पड़ताल की जाएगी।
बरामद सामग्री से खुलेगा कथित गड़बड़ी का नेटवर्क
CID के मुताबिक, जब्त दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की जांच का मकसद JPSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की पूरी तस्वीर सामने लाना है। जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी कैसे हुई और इसमें किन लोगों की भूमिका हो सकती है। जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में और खुलासे होने की संभावना है।
आरोपी अभय तिवारी की पुरानी परीक्षाओं पर भी नजर
जांच के दौरान आरोपी अभय तिवारी को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। CID के अनुसार, पिछले करीब 13 वर्षों के दौरान अभय तिवारी कई केंद्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हुए थे। इनमें 2013 की नेवी SSR भर्ती, 2014 की BARC सहायक परीक्षा, 2018 की पुलिस अवर निरीक्षक परीक्षा, IRB कांस्टेबल, CRPF हेड कांस्टेबल, NCL भर्ती और JSSC की PGT शिक्षक व CGL परीक्षाएं शामिल हैं।
इसके अलावा JPSC की ACF, FRO और FSO परीक्षाओं तथा 11वीं से 13वीं झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा प्रारंभिक परीक्षाओं में भी उनकी अभ्यर्थिता और चयन से जुड़े रिकॉर्ड जांच के दायरे में आए हैं।
चयन प्रक्रिया और अभ्यर्थिता का होगा सत्यापन
CID अब अभय तिवारी से जुड़ी इन सभी परीक्षाओं में उनकी अभ्यर्थिता और चयन प्रक्रिया का सत्यापन करेगी। इसके लिए जांच एजेंसी ने संबंधित भर्ती एवं परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं को पत्र भेजकर आवेदन पत्र, मूल्यांकन रिकॉर्ड, चयन प्रक्रिया का विवरण और अन्य जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा है।
छात्रों के आंदोलन के बीच बढ़ी हलचल
JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर रांची में छात्रों का आंदोलन भी जारी है। परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग के बीच CID की ताजा कार्रवाई ने मामले को और चर्चा में ला दिया है। अब जांच एजेंसी की बरामद दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की पड़ताल पर नजर रहेगी, जिससे कथित गड़बड़ी की आगे की कड़ियां सामने आ सकती हैं।