ट्रंप के टैरिफ से अमेरिकन्स को फटका, 100 अरब डॉलर का रिफंड जारी; सुप्रीम कोर्ट ने शुल्क को बताया अवैध
Trump's tariffs
वॉशिंगटन। अमेरिका में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'लिबरेशन डे' टैरिफ को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा (CBP) ने बताया कि इन टैरिफ के तहत वसूले गए करीब 100 अरब अमेरिकी डॉलर (शुल्क और ब्याज सहित) का रिफंड प्रोसेस कर दिया गया है। इसे एजेंसी के इतिहास में सबसे बड़े टैरिफ रिफंड अभियानों में से एक माना जा रहा है।
नई प्रणाली से हुआ रिफंड प्रोसेस
सीबीपी के व्यापार कार्यक्रम निदेशालय के कार्यकारी निदेशक ब्रेंडन लॉर्ड के अनुसार, एजेंसी ने अपने ऑटोमेटेड कमर्शियल एनवायरनमेंट (ACE) प्लेटफॉर्म में रिफंड की गणना और प्रोसेसिंग के लिए नई सुविधा विकसित की है। इसके तहत CAPE (Consolidated Administration and Processing of Entries) सिस्टम 20 अप्रैल 2026 से आयातकों और कस्टम्स ब्रोकर्स के लिए उपलब्ध कराया गया।
128 अरब डॉलर से अधिक के दावे स्वीकार
31 जुलाई 2026 तक CAPE के जरिए करीब 128.68 अरब अमेरिकी डॉलर के संभावित और प्रमाणित रिफंड दावे स्वीकार किए जा चुके थे। इनमें से लगभग 100 अरब डॉलर का रिफंड प्रमाणित कर अमेरिकी वित्त विभाग को भुगतान के लिए भेज दिया गया है। इसी अवधि तक 2,52,496 आवेदन जमा हुए, जिनमें 1,78,213 आवेदन सत्यापन में सफल रहे।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा था?
यह मामला अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम (IEEPA) के तहत लगाए गए अतिरिक्त आयात शुल्क से जुड़ा था। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी 2026 में 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि IEEPA राष्ट्रपति को व्यापक आयात शुल्क लगाने का अधिकार नहीं देता। अदालत के इस फैसले के बाद प्रभावित आयातकों को बड़े पैमाने पर रिफंड दिया जा रहा है।