नई दिल्ली: इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया। उनके मंच पर पहुंचते ही लगभग 75 देशों के प्रतिनिधि सभागार से बाहर निकल गए। कई सीटें खाली नजर आईं और व्यवस्था बनाए रखने के लिए महासभा अध्यक्ष खलीलुर रहमान को अपील करनी पड़ी। रिपोर्टों में दर्जनों देशों के प्रतिनिधियों के वॉकआउट की बात कही गई है।

वॉकआउट करने वालों पर साधा निशाना

करीब तीन मिनट बाद नेतन्याहू ने भाषण शुरू किया। उन्होंने बाहर जाने वाले प्रतिनिधियों को ‘नैतिक रूप से कायर’ बताया। फलस्तीनी मिशन ने पहले ही सदस्य देशों से नेतन्याहू के भाषण के दौरान सामूहिक वॉकआउट की अपील की थी।

गाजा और ईरान पर इस्राइल का बचाव

नेतन्याहू ने गाजा में नरसंहार के आरोपों को खारिज करते हुए इसे ‘सदी का सबसे बड़ा झूठ’ बताया। उन्होंने कहा कि इस्राइल आत्मरक्षा में कार्रवाई कर रहा है। ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को भी उन्होंने सही ठहराया और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।

पेजर विस्फोट और 7 अक्टूबर हमले का जिक्र

नेतन्याहू ने 2024 के लेबनान पेजर विस्फोटों का जिक्र करते हुए एक पेजर दिखाया। उन्होंने 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले का भी उल्लेख किया, जिसमें उनके अनुसार करीब 1,200 लोगों की मौत और 251 लोगों को बंधक बनाया गया था।

ममदानी, कतर और तुर्की पर भी निशाना

नेतन्याहू ने न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी, कतर और तुर्की पर भी आरोप लगाए। ममदानी ने जवाब में कहा कि नेतन्याहू अपने बयानों से गाजा में हुई कार्रवाई को सही ठहराने की कोशिश कर रहे हैं। कतर ने भी नेतन्याहू के आरोपों को खारिज किया।

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