Dantewada News : दंतेवाड़ा में 8 लाख के इनामी नक्सली ने किया आत्मसमर्पण
Dantewada News : दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में आज एक महत्वपूर्ण घटना हुई जब 8 लाख रुपये के इनामी नक्सली ने नक्सलवाद की खोखली विचारधारा को त्यागते हुए आत्मसमर्पण कर दिया।
By : Rohit Banchhor
Update: 2024-07-06 10:31 GMT
Dantewada News : दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में आज एक महत्वपूर्ण घटना हुई जब 8 लाख रुपये के इनामी नक्सली ने नक्सलवाद की खोखली विचारधारा को त्यागते हुए आत्मसमर्पण कर दिया। इस नक्सली ने सुरक्षा बलों के अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण किया और समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का निर्णय लिया।आत्मसमर्पण करने वाला माओवादी पहले दंडकारण्य सब जोनल कमेटी की कम्युनिकेशन टीम का सदस्य और पामेड एरिया कमेटी का पार्टी सदस्य था। उसने ईरपानार और कडियामेटा क्षेत्र में कई बड़ी घटनाओं में भाग लिया था। इसके अलावा, वह छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में सक्रिय रहा है, जहां उसने हिंसा और आतंक का सहारा लिया।
Dantewada News : बता दें कि दंतेवाड़ा पुलिस द्वारा चलाई जा रही 'लोन वर्राटू' (घर वापस आइये) योजना नक्सलियों को मुख्यधारा में वापस लाने के लिए एक सफल प्रयास साबित हो रही है। इस योजना का उद्देश्य नक्सलियों को हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति और विकास की राह पर लाना है। इस योजना के तहत, स्थानीय प्रशासन नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विश्वास, विकास और सुरक्षा की भावना को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहा है।
Dantewada News : छत्तीसगढ़ शासन की नक्सल उन्मूलन और नक्सल पुनर्वास नीति ने भी नक्सलियों को आत्मसमर्पण करने के लिए प्रोत्साहित किया है। यह नीति उन्हें समाज में सम्मानपूर्वक जीवन बिताने और विकास की धारा में शामिल होने का अवसर प्रदान करती है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को पुनर्वास योजनाओं का लाभ मिलता है, जिससे वे एक नई जिंदगी की शुरुआत कर सकते हैं। वर्ष 2021 से, पूर्वी बस्तर डिवीजन में कार्यरत कंपनी नंबर 6 के पीपीसीएम और अन्य बड़े इनामी माओवादी कैडर ने हिंसा की राह छोड़कर आत्मसमर्पण किया है।
Dantewada News : यह आत्मसमर्पण की श्रृंखला नक्सलवाद के खिलाफ सरकार की नीतियों की सफलता को दर्शाता है। आत्मसमर्पण के बाद, नक्सली को सुरक्षा बलों द्वारा आवश्यक कानूनी प्रक्रिया और पुनर्वास योजनाओं का हिस्सा बनाया जाएगा। इसे समाज में पुनः स्थापित करने और सामान्य जीवन जीने के लिए सहायता प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही, अन्य नक्सलियों को भी मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।