दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में साढ़े 4 साल की बच्ची से दुष्कर्म और उसकी हत्या की कोशिश के मामले में विशेष पॉक्सो अदालत ने आरोपी धनेश्वर साहू उर्फ जनता (40) को उम्रकैद की सजा सुनाई है। आरोपी ने बच्ची को बोरे में बंद कर घर के पीछे खंडहर में फेंक दिया था, लेकिन उसकी सांसें चल रही थीं।

खंडहर में बोरे से बच्ची का पैर बाहर दिखाई देने पर मोहल्ले के दो युवकों को शक हुआ। उन्होंने बोरा खोला तो बच्ची गंभीर हालत में मिली। इसके बाद उसे अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया था।

यह मामला उतई थाना क्षेत्र के बंजारीपारा का है। घटना 10 अप्रैल 2026 की है, जबकि 25 सितंबर को अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।

5 रुपए लेकर दुकान गई थी बच्ची

पुलिस के मुताबिक, 10 अप्रैल की सुबह करीब 11:30 बजे बच्ची अपनी दादी से 5 रुपए लेकर घर के पास की दुकान पर खाने का सामान खरीदने गई थी।

इसी दौरान आरोपी उसे बहला-फुसलाकर अपने घर की छत पर ले गया। दुकान के पास लगे CCTV कैमरे में बच्ची को आरोपी के साथ जाते हुए देखा गया।

आरोपी ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद उसने बच्ची का मुंह दबाया और गला घोंटकर उसकी हत्या की कोशिश की। बच्ची के बेहोश होने पर आरोपी ने उसे मृत समझकर तकिया कवर और जूट की बोरी में बंद कर घर के पीछे स्थित खंडहर में फेंक दिया।

बोरे से पैर बाहर दिखा तो खुला राज

जब बच्ची काफी देर तक घर नहीं लौटी तो परिवार और आसपास के लोगों ने उसकी तलाश शुरू की। इसी दौरान मोहल्ले के दो युवकों की नजर खंडहर में पड़े बोरे पर गई। बोरे से पैर बाहर निकला हुआ था। शक होने पर उन्होंने बोरा खोला तो बच्ची गंभीर हालत में मिली। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया। इलाज के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ।

15 दिन में पुलिस ने पेश किया चालान

घटना की जांच के बाद उतई पुलिस ने CCTV फुटेज के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर 25 अप्रैल 2026 को अदालत में चालान पेश किया। इसके बाद मामले की सुनवाई विशेष पॉक्सो अदालत में हुई। 153 दिन बाद 25 सितंबर को अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया।

DNA और फोरेंसिक जांच बनी अहम कड़ी

जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के घर से बाल, तकिया कवर, जूट की बोरी, बच्ची के कपड़े और आरोपी के कपड़े मिले थे। इन वस्तुओं की फोरेंसिक जांच और DNA मिलान कराया गया। चिकित्सकीय जांच में बच्ची के शरीर, जांघ और गले पर खरोंच के निशान तथा अंदरूनी चोटें सामने आई थीं।

बच्ची ने कोर्ट में आरोपी की पहचान की

मामले की सुनवाई के दौरान बच्ची ने अदालत में आरोपी की पहचान की। कोर्ट में पर्दे के पीछे खड़े आरोपी धनेश्वर साहू को बच्ची ने पहचान लिया और अपने साथ हुई घटना के बारे में बताया।

CCTV फुटेज, DNA और फोरेंसिक साक्ष्य, चिकित्सकीय जांच और बच्ची की गवाही समेत अन्य सबूतों के आधार पर विशेष पॉक्सो अदालत ने आरोपी को दोषी माना।

अदालत ने दुष्कर्म, हत्या की कोशिश और साक्ष्य छिपाने से जुड़े अपराधों में आरोपी अलग अलग धाराओं में उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई है।

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