विदेशी दौरों में पत्नियों को साथ नहीं ले जा पाएंगे क्रिकेटर, जानें क्यों सख्त हुआ BCCI!, क्यों चर्चा में है ये खबर
नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारत के खराब प्रदर्शन के बाद बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) सख्त कदम उठाने पर विचार कर रहा है। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में भारत की हार के बाद खिलाड़ियों पर कड़ी आलोचनाओं का दौर चला था। इस मुद्दे पर बीसीसीआई ने हाल ही में समीक्षा बैठक की थी, जिसमें कप्तान रोहित शर्मा, चयन समिति के अध्यक्ष अजीत आगरकर और टीम प्रबंधन के सदस्य शामिल थे।
सूत्रों के अनुसार, बीसीसीआई विदेशी दौरे पर क्रिकेटरों की पत्नियों की उपस्थिति को नियंत्रित करने पर विचार कर रहा है। इसके अलावा, कोच और खिलाड़ियों के मैनजरों को टीम बस में यात्रा करने से रोकने का भी प्रस्ताव है। यह कदम इस वजह से उठाया जा सकता है क्योंकि मैच के दौरान कई क्रिकेटरों की पत्नियां स्टेडियम में देखी जाती हैं, जिसे बीसीसीआई अब नियंत्रित करना चाहता है।
यदि यह निर्णय लिया जाता है, तो 45 दिन या उससे अधिक समय के दौरे पर खिलाड़ी अपनी पत्नियों और परिवार के अन्य सदस्यों को केवल दो सप्ताह तक ही साथ रख सकेंगे। वहीं, 45 दिन से कम समय के दौरे पर यह अवधि एक सप्ताह तक हो सकती है। इसके अतिरिक्त, खिलाड़ियों को केवल टीम बस का ही उपयोग करने का निर्देश दिया जाएगा, और वे अन्य वाहनों का उपयोग नहीं कर सकेंगे।