Champaranya Vallabhacharya Statue Complex: छत्तीसगढ़ के चंपारण्य में चमकेगा धार्मिक पर्यटन, जानिए चंपारण्य का महाप्रभु श्री वल्लभाचार्य से क्या है नाता, सरकार क्यों बना रही है स्टैच्यू कॉम्प्लेक्स
छत्तीसगढ़ के Champaranya Vallabhacharya Statue Complex, जानिए इस प्रोजेक्ट और चंपारण्य के धार्मिक महत्व की पूरी जानकारी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। रायपुर जिले के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल चंपारण्य में लगभग 73.42 करोड़ रुपये की लागत से ‘श्री वल्लभाचार्य स्टैच्यू कॉम्प्लेक्स’ के निर्माण को मंजूरी मिल गई है।
भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति (CSMC) ने 'स्वदेश दर्शन 2.0' योजना के तहत इस महत्वाकांक्षी परियोजना को हरी झंडी दे दी है। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा इस प्रोजेक्ट को अगले 18 महीनों में पूरा किया जाएगा। आइए जानते हैं कि इस प्रोजेक्ट से जुड़ी खास बातें क्या हैं और चंपारण्य का श्री वल्लभाचार्य से क्या गहरा नाता है।
चंपारण्य का श्री वल्लभाचार्य से क्या है संबंध?
चंपारण्य को पुष्टिमार्ग के संस्थापक महाप्रभु श्री वल्लभाचार्य का प्रकट्य स्थल माना जाता है। यही वजह है कि दुनियाभर के वैद्यों, श्रद्धालुओं और वल्लभ संप्रदाय के अनुयायियों के लिए यह स्थान किसी तीर्थ से कम नहीं है।
मान्यता और इतिहास के अनुसार, श्री वल्लभाचार्य का जन्म यहीं हुआ था। यहां उनके जीवन और दर्शन से जुड़े कई पवित्र स्थल और मंदिर हैं, जहाँ सालभर देश-विदेश से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुँचते हैं। इस नए स्टैच्यू कॉम्प्लेक्स के बनने से इस पवित्र स्थल की महत्ता और अधिक बढ़ जाएगी तथा यहाँ आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
छत्तीसगढ़ में धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में सांस्कृतिक और धार्मिक पर्यटन को लगातार बढ़ावा दे रही है। चंपारण्य में इस आधुनिक और भव्य स्टैच्यू कॉम्प्लेक्स के बन जाने से न केवल धार्मिक पयर्टन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।