CG News : सुकमा पुलिस की अनूठी पहल, 150 महिलाओं को सिखाया जाएगा सिलाई का हुनर, आत्मनिर्भरता की राह होगी आसान
‘सेवा पथ एक पहल’ के तहत पुलिस लाइन में निःशुल्क सिलाई केंद्र शुरू, तीन महीने के प्रशिक्षण से पुलिस परिवार की महिलाओं को रोजगार और आजीविका से जोड़ने की पहल।
CG News : सुकमा। वर्दी पहनकर देश और समाज की सुरक्षा में जुटे जवानों के परिवार की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सुकमा पुलिस ने एक नई पहल की है। पुलिस लाइन में गुरुवार को ‘सेवा पथ एक पहल’ के तहत निःशुल्क सिलाई केंद्र का शुभारंभ किया गया। इस केंद्र के माध्यम से पुलिस परिवार की 150 महिलाओं को तीन महीने तक सिलाई का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे हुनर सीखकर रोजगार और आजीविका के नए अवसर तलाश सकें।
हुनर से आत्मनिर्भरता तक का सफर
पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर ने कहा कि हर वर्दी के पीछे एक परिवार होता है। जब जवान अपने कर्तव्यों के निर्वहन के लिए घर से बाहर रहते हैं, तब परिवार की जिम्मेदारियां महिलाएं संभालती हैं। ऐसे में पुलिस परिवार की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी क्षमताओं को निखारने के उद्देश्य से यह पहल शुरू की गई है। तीन महीने के प्रशिक्षण के दौरान महिलाएं सिलाई का कौशल सीखेंगी। यह हुनर उन्हें भविष्य में स्वयं का काम शुरू करने और आय अर्जित करने की दिशा में मदद कर सकता है। पहल का उद्देश्य महिलाओं को केवल प्रशिक्षण देना ही नहीं, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनने के लिए प्रोत्साहित करना भी है।
‘मातृशक्ति में समाज को नई दिशा देने की क्षमता’
कार्यक्रम में पूज्य संजीव कृष्ण ठाकुर ने कहा कि कोई भी माता या बहन कमजोर नहीं होती। मातृशक्ति में समाज और देश को नई दिशा देने की क्षमता है। महिलाओं को सक्षम बनाने से परिवार के साथ पूरा समाज मजबूत होता है। उन्होंने बस्तर में शांति स्थापना के प्रयासों का उल्लेख करते हुए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल को नई उम्मीद से जोड़कर देखा। उन्होंने कहा कि नवरात्र के अवसर पर मातृशक्ति की सेवा का अवसर मिलना सौभाग्य की बात है। महिलाओं को हुनरमंद बनाने के ऐसे प्रयास उनके भविष्य को बेहतर बनाने में सहायक हो सकते हैं।
पुलिस अधिकारियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में एएसपी रोहित शाह, राजीव शर्मा, प्रेमलता गुर्जर, असिता गुर्जर सहित पुलिस विभाग के अधिकारी और अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। सुकमा पुलिस की इस पहल से 150 महिलाओं को निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण मिलेगा। यह प्रयास पुलिस परिवार की महिलाओं को अपनी प्रतिभा पहचानने, रोजगार के अवसर तलाशने और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करेगा।