Raipur News: रायपुर में ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत, सरोना–लाभांडी के बीच 14.25 किलोमीटर सर्विस रोड चौड़ीकरण का काम हुआ शुरू
इससे करीब 100 करोड़ रुपए की इस परियोजना के निर्माण का रास्ता
Raipur News: रायपुर। रिंग रोड नंबर-1 की सर्विस रोड चौड़ीकरण परियोजना का काम अब आगे बढ़ने लगा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बिजली के खंभों और ट्रांसफार्मरों को शिफ्ट करने के लिए राज्य विद्युत वितरण कंपनी (CSPDCL) को 8 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया है। राशि मिलने के बाद बिजली विभाग ने शिफ्टिंग का काम शुरू कर दिया है। इससे करीब 100 करोड़ रुपए की इस परियोजना के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।
14.25 किमी सड़क की सर्विस लेन होगी चौड़ी
परियोजना के तहत सेरीखेड़ी से सरोना ओवरब्रिज तक करीब 14.25 किलोमीटर हिस्से में रिंग रोड के दोनों तरफ सर्विस लेन का विस्तार किया जाएगा। दोनों ओर सर्विस रोड को करीब 10-10 मीटर चौड़ा करने की योजना है। अभी कई जगह सर्विस लेन संकरी है, जिससे स्थानीय वाहनों को मुख्य रिंग रोड पर आना पड़ता है।
पहले हटेंगे बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर
सड़क चौड़ीकरण के लिए प्रस्तावित जमीन में कई जगह बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर आ रहे हैं। ऐसे में निर्माण शुरू करने से पहले इन विद्युत संरचनाओं को दूसरी जगह शिफ्ट करना जरूरी है। NHAI से भुगतान मिलने के बाद CSPDCL ने यह प्रक्रिया शुरू कर दी है। शिफ्टिंग पूरी होने के साथ सड़क निर्माण के लिए जगह उपलब्ध होती जाएगी।
करीब 5 लाख लोगों को फायदा
सर्विस रोड चौड़ी होने से लाभांडी, तेलीबांधा, पचपेड़ी नाका, संतोषी नगर, भाठागांव, मठपुरैना, कुशालपुर, डीडी नगर, चंगोराभाठा, रायपुरा और सरोना सहित आसपास के इलाकों के लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है। रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले स्थानीय वाहन चालकों के साथ अंतरराज्यीय बस स्टैंड जाने वाले यात्रियों को भी राहत मिल सकती है।
मुख्य सड़क पर कम होगा ट्रैफिक दबाव
वर्तमान में सर्विस रोड संकरी होने के कारण कई जगह स्थानीय वाहन मुख्य रिंग रोड पर पहुंच जाते हैं। इससे भारी वाहनों और स्थानीय ट्रैफिक का दबाव एक ही सड़क पर बढ़ जाता है। सर्विस लेन चौड़ी होने के बाद स्थानीय यातायात को अलग रास्ता मिलेगा। इससे जाम और सड़क हादसों का दबाव कम होने की उम्मीद है।
अतिक्रमण हटाना भी जरूरी
बिजली के खंभों और ट्रांसफार्मरों की शिफ्टिंग के बाद सड़क की प्रस्तावित सीमा को खाली कराना होगा। जहां अतिक्रमण या दूसरी बाधाएं हैं, उन्हें हटाना भी जरूरी होगा। जमीन पूरी तरह खाली होने के बाद ही निर्माण एजेंसी सड़क चौड़ीकरण का काम तेजी से शुरू कर सकेगी। करीब 100 करोड़ रुपए की यह परियोजना फरवरी में स्वीकृत हुई थी।