Chhattisgarh VB Giramji Yojana: रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार वीबी जीरामजी योजना के तहत 15 अगस्त से 26 जनवरी तक ग्रामीण रोजगार के तीन विशेष अभियान संचालित करेगी। इन अभियानों के माध्यम से स्कूलों में छात्राओं के लिए शौचालय निर्माण, गांवों में मुक्तिधाम निर्माण तथा जल संरक्षण और सूखे हैंडपंपों के पुनर्जीवन जैसे कार्य किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि योजना के तहत मजदूरी और कार्यों का भुगतान समय पर नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

मेरी बेटी, मेरा अभिमान अभियान

मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले अभियान 'मेरी बेटी, मेरा अभिमान' के तहत प्रदेश के 6,671 विद्यालयों में छात्राओं के लिए शौचालय बनाए जाएंगे। प्रत्येक शौचालय के निर्माण पर 4.30 लाख रुपये की लागत आएगी। इस कार्य के लिए 286.85 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

6,524 गांवों में बनेंगे मुक्तिधाम

दूसरे अभियान के तहत प्रदेश के 6,524 गांवों में प्रतीक्षालय शेड सहित मुक्तिधाम का निर्माण किया जाएगा। प्रत्येक मुक्तिधाम की लागत 6 लाख रुपये होगी, जिस पर कुल 391.44 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा जिन 549 गांवों में अभी तक मुक्तिधाम नहीं हैं, वहां 3.32 लाख रुपये की लागत से नए मुक्तिधाम बनाए जाएंगे।

'मोर गांव, मोर पानी' पर जोर

मुख्यमंत्री ने बताया कि तीसरा अभियान 'मोर गांव, मोर पानी' होगा। इसके तहत जल संरक्षण के कार्यों को गति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अब तक 50 हजार गांवों में जल संरक्षण के कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि 50 हजार गांवों में कार्य जारी हैं। अनुपयोगी नलकूपों को सैंड वाटर फिल्टर तकनीक से पुनर्जीवित किया जाएगा। साथ ही 10,027 सूखे हैंडपंपों को दोबारा चालू करने के लिए 52.14 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

318 प्रकार के रोजगारपरक कार्य होंगे

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि वीबी जीरामजी योजना के तहत चार श्रेणियों में कुल 318 प्रकार के रोजगारपरक कार्य किए जा सकेंगे। इनमें जल सुरक्षा एवं संवर्धन से जुड़े 107 कार्य, ग्रामीण अधोसंरचना के 90, आजीविका संरक्षण के 86 तथा जलवायु आपदा प्रबंधन के 35 प्रकार के कार्य शामिल हैं।

ग्रामीण रोजगार में सबसे बड़ा निवेश, पहली किस्त में मिले 1,538.93 करोड़ रुपए

मुख्यमंत्री ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में छत्तीसगढ़ को केंद्र सरकार से 5,591 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं, जिसमें मनरेगा के तहत पहले तीन माह में मिले 1,264 करोड़ रुपये भी शामिल हैं। वहीं, 1 जुलाई से शुरू हुई वीबी जीरामजी योजना के तहत 6,855 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिसे ग्रामीण रोजगार के क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा निवेश बताया गया। योजना की पहली किस्त के रूप में राज्य को 1,538.93 करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके हैं।


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