CG News: जल्द होगा हाउसिंग सोसायटी को कॉमन एरिया का हस्तांतरण, क्रेडाई ने सहकारिता सचिव से की मुलाकात, प्रक्रिया को सरल और यूज़र फ्रेंडली बनाने का दिया भरोसा

CG News: रायपुर। आवासीय परियोजनाएं पूरी होने के बाद कॉमन एरिया, सुविधाओं और संबंधित दस्तावेजों के हस्तांतरण में आ रही दिक्कतों को लेकर छत्तीसगढ़ क्रेडाई के प्रतिनिधिमंडल ने सहकारिता विभाग के सचिव रमेश शर्मा से मुलाकात की।

Update: 2026-08-11 12:48 GMT

CG News: रायपुर। आवासीय परियोजनाएं पूरी होने के बाद कॉमन एरिया, सुविधाओं और संबंधित दस्तावेजों के हस्तांतरण में आ रही दिक्कतों को लेकर छत्तीसगढ़ क्रेडाई के प्रतिनिधिमंडल ने सहकारिता विभाग के सचिव रमेश शर्मा से मुलाकात की। क्रेडाई ने बताया कि कई आवासीय परियोजनाओं में सोसायटी का गठन नहीं होने के कारण बिल्डर-कॉलोनाइजर कॉमन एरिया और रखरखाव की जिम्मेदारी आबंटितियों की सोसायटी या एसोसिएशन को हस्तांतरित नहीं कर पा रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल ने सोसायटी गठन की प्रक्रिया को सरल और व्यावहारिक बनाने की मांग रखी। सचिव ने जल्द इस दिशा में पहल का भरोसा दिलाया है।


 दरअसल, छत्तीसगढ़ रेरा ने पूर्णता प्रमाण पत्र प्राप्त करीब 989 आवासीय परियोजनाओं की जांच में कई मामलों में आबंटितियों की सोसायटी या एसोसिएशन का गठन नहीं होने और कॉमन एरिया व सुविधाओं के हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी नहीं होने की स्थिति पाई है। रेरा की ओर से नोटिस जारी किए जाने के बाद भी करीब 450 बिल्डर-कॉलोनाइजर अब तक कॉमन एरिया और सुविधाओं का हस्तांतरण नहीं कर पाए हैं।

CG News:सोसायटी गठन में देरी होने से हो रही परेशानी

क्रेडाई प्रतिनिधिमंडल ने सहकारिता विभाग के सचिव रमेश शर्मा बताया कि अधिकांश मामलों में बिल्डर-कॉलोनाइजर परियोजना का हस्तांतरण करने के लिए तैयार हैं, लेकिन सोसायटी गठन की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण यह संभव नहीं हो पा रहा है। छत्तीसगढ़ क्रेडाई के चेयरमैन पंकज लोहोटी ने विभागीय सचिव को बताया कि रेरा के प्रावधानों के अनुसार कॉमन एरिया, सुविधाओं और संबंधित दस्तावेजों का हस्तांतरण आबंटितियों की सोसायटी या एसोसिएशन को किया जाना है। लेकिन सोसायटी गठन की प्रक्रिया में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों के कारण बिल्डरों को परेशानी हो रही है। इस मुद्दे पर विभागीय सचिव ने क्रेडाई प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि जल्द ही सोसायटी गठन की प्रक्रिया को आसान और व्यावहारिक बनाने की पहल की जा रही है। इससे यूजर्स और बिल्डर-कॉलोनाइजर को राहत मिलेगी।

बता दें कि पहले रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसायटी के माध्यम से आवासीय सोसायटियों का गठन किया जाता था। अब आवासीय मामलों को सहकारिता विभाग के अधीन किए जाने के बाद सोसायटी गठन की प्रक्रिया कई कॉलोनियों में जटिल हो गई है। चुनाव और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की उपलब्धता नहीं होने से भी सोसायटी गठन में देरी हो रही है।

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