CG Crime : शादी का झांसा, नौकरी का लालच और लाखों की ठग, मेट्रिमोनियल साइट के जरिए महिलाओं को फंसाने वाला दंपति गिरफ्तार
शादी का भरोसा देकर महिला से बनाए संबंध, नौकरी के नाम पर 12-13 लाख के जेवर-नकदी लेने का आरोप; बैंक ट्रांजेक्शन से मिला आरोपी दंपति का सुराग
CG Crime : बिलासपुर। मेट्रिमोनियल साइट पर पहचान बनाकर शादी का भरोसा दिलाने, दैहिक शोषण करने और नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने के आरोप में तोरवा पुलिस ने एक दंपति को दिल्ली-हरियाणा क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने खुद को अविवाहित बताकर पीड़िता का विश्वास जीता और बाद में करीब 12 से 13 लाख रुपये के जेवर व नकदी हासिल कर ली।
कोरबा निवासी पीड़िता ने 9 मार्च 2026 को तोरवा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस के अनुसार, पीड़िता की पहचान मेट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म के जरिए पवन कुमार यादव से हुई थी। आरोपी ने खुद को अविवाहित बताते हुए शादी का प्रस्ताव रखा। आरोप है कि इसी दौरान उसने शादी का भरोसा देकर पीड़िता से संबंध बनाए और बाद में नौकरी लगवाने का झांसा देकर रकम व सोने-चांदी के जेवर ले लिए।
मामला दर्ज होने के बाद आरोपी फरार हो गया। पुलिस ने पामगढ़ और बिलासपुर के सरकंडा क्षेत्र में उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन वह नहीं मिला। मोबाइल बंद होने के कारण उसकी लोकेशन का तत्काल पता नहीं चल सका। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी पर 5 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के मोबाइल नंबर और बैंक खातों की जानकारी खंगाली। अधिकांश खाते बंद मिले, लेकिन उसकी पत्नी नवीता यादव के बैंक खाते में लेन-देन जारी था। ट्रांजेक्शन की जांच में बल्लभगढ़, हरियाणा में रकम निकाले जाने की जानकारी मिली। इसी सुराग के आधार पर पुलिस टीम दिल्ली-हरियाणा पहुंची।
तकनीकी साक्ष्यों और च्वाइस सेंटर से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने पवन कुमार यादव और उसकी पत्नी नवीता यादव को बल्लभगढ़ क्षेत्र से गिरफ्तार किया। दोनों को बिलासपुर लाने के बाद 9 अगस्त 2026 को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पुलिस ने मामले में थाना तोरवा में अपराध क्रमांक 138/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 69, 318(4) और 3(5) के तहत कार्रवाई की है।