CG Cabinet Meeting: साय कैबिनेट के बड़े फैसले : AI मिशन को मंजूरी, BEML प्लांट के लिए जमीन से लेकर सड़कों और बिजली क्षेत्र तक लिए अहम निर्णय
CG Cabinet Meeting: रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय स्थित महानदी भवन में हुई कैबिनेट बैठक में छत्तीसगढ़ के विकास और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में राज्य के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन, औद्योगिक निवेश, डिजिटल प्रशासन, ग्रामीण सड़क निर्माण, वित्तीय प्रबंधन और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। सरकार के इन निर्णयों का फोकस तकनीक, रोजगार, औद्योगिक विकास और सुशासन को मजबूत करने पर रहा।
5 साल के लिए छत्तीसगढ़ AI मिशन को मंजूरी
कैबिनेट ने ‘छत्तीसगढ़ राज्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन’ को मंजूरी दे दी है। पांच वर्ष की अवधि वाले इस मिशन पर करीब 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका उद्देश्य सरकारी कामकाज में AI का इस्तेमाल बढ़ाने के साथ कौशल विकास, डिजिटल अर्थव्यवस्था और नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाना है।
मिशन के तहत प्रदेश में 100 AI डेटा लैब और 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। सरकार 300 से अधिक AI स्टार्टअप्स को सहायता देने की योजना पर भी काम करेगी। इसके अलावा करीब 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को AI से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा। शासन की सेवाओं को तेज और आसान बनाने के लिए 50 से अधिक AI आधारित सेवाएं विकसित करने का भी लक्ष्य रखा गया है।
छत्तीसगढ़ में BEML का हेवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट प्लांट
कैबिनेट ने भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) को हेवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करने के लिए रियायती दर पर जमीन आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसे राज्य में इस क्षेत्र का पहला उद्योग बताया गया है।
सरकार के मुताबिक इस संयंत्र से छत्तीसगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी। बड़े निवेश के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और MSME सेक्टर को भी प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से फायदा मिलने की उम्मीद है। इससे राज्य को भारी मशीन निर्माण के क्षेत्र में नई पहचान मिलने का रास्ता भी खुलेगा।
सरकारी निर्माण कार्य होंगे डिजिटल
कैबिनेट ने लोक निर्माण विभाग में Works and Account Management Information System (WAMIS) लागू करने के पहले चरण को भी मंजूरी दी। इस सिस्टम के जरिए निर्माण कार्यों की स्वीकृति से लेकर ई-प्राक्कलन, ई-प्रोक्योरमेंट, ई-मेजरमेंट बुक, बिल भुगतान, लेखा प्रबंधन और गुणवत्ता निगरानी जैसी प्रक्रियाएं एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाई जाएंगी।
सी-डैक पुणे द्वारा विकसित इस प्रणाली को पहले लोक निर्माण विभाग में लागू किया जाएगा। इसके बाद अन्य निर्माण और अधोसंरचना विभागों में भी इसका विस्तार किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, भुगतान प्रक्रिया तेज होगी और परियोजनाओं की रियल-टाइम निगरानी संभव होगी।
ग्रामीण सड़कों के नियमों में बदलाव
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना के तहत बारहमासी सड़कों के निर्माण से जुड़े दिशा-निर्देशों में भी संशोधन को मंजूरी दी है। अब ग्रामीण आंतरिक गलियों में सीसी सड़क और नाली निर्माण को योजना के दायरे में शामिल किया जा सकेगा।
सड़क निर्माण से पहले मनरेगा के जरिए मिट्टी कार्य कराने की अनिवार्यता भी समाप्त की गई है। ऐसे ग्रामीण मार्ग, जो प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना या किसी अन्य योजना में शामिल नहीं हैं, उन्हें भी योजना में शामिल करने का प्रावधान किया गया है। जरूरत के अनुसार नाबार्ड ऋण, खनिज न्यास और अन्य वित्तीय स्रोतों से राशि उपलब्ध कराई जा सकेगी।
‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ के लिए 15 करोड़ का अनुदान
कैबिनेट ने Asian Development Bank (ADB) से ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ के क्रियान्वयन के लिए 15 करोड़ रुपये का पूर्ण अनुदान प्राप्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। ‘Anjor LIGHT’ परियोजना तीन वर्ष के लिए होगी और इसका संचालन दिसंबर 2026 से नवंबर 2029 तक प्रस्तावित है।
परियोजना के तहत सार्वजनिक वित्त प्रबंधन को मजबूत करने, PPP इकोसिस्टम विकसित करने, ग्रीन और ब्लेंडेड फाइनेंस को बढ़ावा देने तथा सार्वजनिक उपक्रमों की कार्यक्षमता सुधारने पर काम होगा। खास बात यह है कि इस परियोजना के लिए राज्य या केंद्र सरकार की ओर से कोई वित्तीय अंशदान नहीं किया जाएगा।
योजनाओं के लिए लागू होगा S-SNA मॉडल
राज्य योजनाओं में State Single Nodal Agency (S-SNA) मॉडल लागू करने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इस व्यवस्था का उद्देश्य सरकारी योजनाओं की राशि के इस्तेमाल में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन बढ़ाना है।
नई व्यवस्था में योजनाओं की राशि अलग-अलग बैंक खातों में लंबे समय तक निष्क्रिय रखने के बजाय केंद्रीय मदर अकाउंट के माध्यम से जरूरत के अनुसार सीधे हितग्राहियों या वेंडरों को भुगतान किया जाएगा। इससे योजनाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग, नकदी प्रबंधन और वित्तीय नियंत्रण मजबूत होने की उम्मीद है।
CSPGCL को 200 करोड़ तक बॉन्ड जारी करने की मंजूरी
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (CSPGCL) को 200 करोड़ रुपये तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर या बॉन्ड जारी कर उन्हें स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध कराने की अनुमति भी दी है। इसका उद्देश्य आम जनता और संस्थागत निवेशकों की भागीदारी बढ़ाना और कंपनी के लिए पूंजी जुटाने के नए रास्ते खोलना है।