BRICS Summit: नई दिल्ली: 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक अहम बयान में ब्रिक्स समूह को "गैर-पश्चिमी" बताते हुए इसे पश्चिम विरोधी के रूप में परिभाषित करने से इनकार किया। उन्होंने इस अवलोकन के लिए भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को श्रेय दिया और कहा कि यह संगठन आर्थिक विकास और गुटनिरपेक्षता पर केंद्रित है, न कि किसी विशेष राष्ट्र या समूह के खिलाफ।

BRICS Summit: पुतिन ने विदेशी पत्रकारों के साथ चर्चा करते हुए रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष में पश्चिमी देशों और अमेरिका द्वारा यूक्रेन को समर्थन दिए जाने की आलोचना की। उन्होंने नाटो पर यूक्रेन की तरफ से सक्रिय रूप से युद्ध में शामिल होने का भी आरोप लगाया। भारत की शांति मध्यस्थता की भूमिका के सवाल पर, पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चिंताओं का सम्मान किया और उन्हें अपना "मित्र" बताया। उन्होंने भारत के संतुलित रुख के प्रति आभार भी व्यक्त किया।

हालांकि, पुतिन ने युद्ध समाप्त करने के लिए कोई समयसीमा देने से इंकार कर दिया, यह तर्क देते हुए कि समयसीमा बताने से विपरीत परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने अमेरिका पर चीन के विकास को रोकने का भी आरोप लगाया, इसे "सूर्य को उगने से रोकने" के समान बताया।

BRICS Summit: ब्रिक्स की भविष्य की दिशा: रूसी राष्ट्रपति ने संकेत दिया कि आगामी 22-23 अक्टूबर को कज़ान में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में नए सदस्यों को शामिल करने की संभावना पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ब्रिक्स समूह का उद्देश्य कभी भी किसी देश के खिलाफ नहीं रहा है, बल्कि यह एक मंच है जो आर्थिक विकास को बढ़ावा देता है, जिसका लाभ उन देशों को भी मिलेगा जो अभी इसके सदस्य नहीं हैं।

BRICS Summit: भारतीय सिनेमा और अन्य मुद्दे: रूसी राष्ट्रपति ने भारतीय सिनेमा की रूस में लोकप्रियता पर भी चर्चा की और रूसी बाजार में भारतीय फिल्मों को बढ़ावा देने के लिए सहयोग की संभावना पर जोर दिया। इसके अलावा, पुतिन ने गाजा की वर्तमान स्थिति पर अपनी चिंता व्यक्त की और बताया कि फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास को भी ब्रिक्स कार्यक्रमों में आमंत्रित किया गया है।

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