भोपाल। गुरूवार 16 जनवरी को लालग्रह मंगल हमारी पृथ्‍वी और सूर्य की सीध में आ रहा है। इस खगोलीय घटना में मंगल, पृथ्‍वी और सूर्य एक सरल रेखा में होंगे। नेशनल अवार्ड प्राप्‍त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि इसे मार्स एट अपोजीशन कहते हैं। इस समय मंगल चमकदार लालिमा के साथ बिना दूरबीन के देखा जा सकेगा। सारिका ने बताया कि पृथ्‍वी का पड़ौसी ग्रह मंगल सूर्यास्‍त के बाद पूर्वी आकाश में उदित होकर मध्‍यरात्रि यह आपके सिर के ठीक उपर होगा और सुबह-सबेरे पश्चिम में अस्‍त होगा।

अपोजीशन की यह घटना इसलिये महत्‍वूपर्ण है। क्‍योकि मंगल को सारी रात आकाश में देखा जा सकेगा। अपोजीशन की इस घटना में पृथ्‍वी के एक ओर मंगल होगा तो दूसरी ओर सूर्य होगा । ये तीनो खगोलीय पिंड एक सीध में होंगे। इस समय मंगल की पूरी डिस्‍क सूर्य के प्रकाश से चमक रही होगी जिससे इसकी पूरी सतह देखी जा सकेगी। सारिका ने बताया कि मार्स अपोजीशन की घटना लगभग 26 माह के अंतराल पर होती है।

2003 का मार्स अपोजीशन बहुत खास था जिसमें मंगल 60000 साल बाद इतना निकट आया था और अब इतना नजदीक 2287 में आयेगा। 8 दिसम्‍बर 2022 के बाद होने वाली यह घटना इसलिये महत्‍वपूर्ण है क्‍योंकि गुरूवार 16 जनवरी को के बाद यह 19 फरवरी 2027 को होगी।