AI से बने फोटो-वीडियो पर पूरे समय 'लेबल' जरुरी, सुझाव के लिए 7 मई तक खुला है मसौदा

By :  Vpb
Update: 2026-04-22 12:19 GMT

AI: नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर रील बनाना, एआई से फोटो-वीडियो तैयार करना या ऑनलाइन खबरें देखना इन सबका अनुभव जल्द बदल सकता है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने एआई और डिजिटल कंटेंट को लेकर नए नियमों का मसौदा जारी किया है, जिसका असर आम यूजर से लेकर बड़े कंटेंट क्रिएटर्स तक सभी पर पड़ेगा।

अब हर समय दिखेगा AI लेबल

प्रस्तावित नियमों के अनुसार, एआई से तैयार किसी भी कंटेंट चाहे वह वीडियो हो, फोटो या ऑडियो पर शुरुआत से अंत तक स्पष्ट लेबल दिखाना अनिवार्य होगा। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि यूजर्स को तुरंत पता चल सके कि कंटेंट असली है या आर्टिफिशियल। इससे फेक और भ्रामक सामग्री पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।

यूजर्स भी दायरे में

अब यह नियम सिर्फ सोशल मीडिया कंपनियों तक सीमित नहीं रहेंगे। अगर कोई आम यूजर, यूट्यूबर या इन्फ्लुएंसर एआई कंटेंट बनाता या शेयर करता है, तो उसे भी यह बताना होगा कि सामग्री एआई से बनी है। बड़े प्लेटफॉर्म्स को यूजर्स से इसका डिक्लेरेशन लेना अनिवार्य होगा।

कड़े प्रावधान और सख्त कार्रवाई

नियमों में डिजिटल फिंगरप्रिंटिंग और मेटाडेटा का प्रावधान भी जोड़ा गया है, जिससे कंटेंट के स्रोत का पता लगाया जा सके। एआई लेबल हटाने या छेड़छाड़ करने पर सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही, गैरकानूनी कंटेंट को तीन घंटे के भीतर हटाना होगा।

सुझाव के लिए खुला मसौदा

सरकार ने इस मसौदे पर 7 मई तक सुझाव मांगे हैं। उद्देश्य है एक सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद डिजिटल माहौल तैयार करना, खासकर ऐसे समय में जब डीपफेक और फर्जी कंटेंट तेजी से बढ़ रहे हैं।

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