भोपाल। जिला प्रशासन ने राजधानी के जर्जर भवनों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी क्रम में 37 आंगनबाडिय़ों को अन्य भवनों में शिट किया गया। साथ ही पुराने शहर के 3 स्कूलों के जर्जर भवनों को सील कर दिया गया। छात्रों की आवाजाही रोक दी गई है। इसके अलावा हमीदिया गर्ल्स स्कूल की दीवार गिरा दी गयी है। पत्रिका ने शहर के जर्जर स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। बैरसिया एसडीएम दीपक पांडेय ने बताया कि जर्जर 30 आंगनबाड़ी भवनों को दूसरी जगह किया शिट कर दिया गया। स्कूलों के जर्जर हिस्से को खाली कराया है। टीटी नगर एसडीएम अर्चना रावत शर्मा ने बताया कि क्षेत्र में भी जांच हुई है।

गोविंदपुरा एसडीएम रवीश श्रीवास्तव ने 7 आंगनबाड़ी भवनों को अन्य भवनों में शिट करा दिया है। जिला शिक्षा अधिकारी एनके अहिरवार ने बताया कि पुराने शहर के 3 स्कूल- जहागीरिया, हमीदिया-1 और हमीदिया-2 के जर्जर हिस्से को सील कर कर दिया गया। जानकारी अनुसार शाहजहां बेगम के समय की बनी यह बिल्डिंग 1870 के समय की है। यहां पर शमला परिवार रहा करता था, यह परिवार जब शमला कोठी चला गया, उसके बाद यहां पर स्कूल शुरू हुआ। जहांगीरिया स्कूल हेरिटेज है। इस स्कूल में पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा पढ़े थे। बता दें कि हमीदिया गर्ल्स स्कूल की फ्रंट वॉल को मंगलवार को गिरा दिया गया। यह 22 फीट ऊंची जर्जर दीवार 6 साल से यह दीवार सड़क की तरफ झुकी हुई थी। इसके अलावा स्कूल की एक अन्य दीवार भी सड़क की तरफ है जो पिछले एक साल से सड़क की और झुक रही है।
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