World No Tobacco Day : रायपुर। विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर 31 मई 2025 को छत्तीसगढ़ में तंबाकू और निकोटीन उत्पादों के दुष्प्रभावों के खिलाफ जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए राज्यव्यापी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस वर्ष की थीम अपील का पर्दाफाश तंबाकू और निकोटीन उत्पादों पर उद्योग की रणनीति को बेनकाब करना है, जो युवाओं को निशाना बनाकर किए जा रहे भ्रामक विज्ञापनों पर केंद्रित है। ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे (जीएटीएस) के अनुसार, छत्तीसगढ़ में 39.1 प्रतिशत लोग तंबाकू का सेवन करते हैं, और 21.9 प्रतिशत लोग कार्यस्थलों पर भी इसका उपयोग करते हैं।

भारत में हर साल तंबाकू से 13.5 लाख लोगों की असमय मृत्यु हो रही है, जो चिंता का विषय है। छत्तीसगढ़ सरकार तंबाकू नियंत्रण के लिए सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा), 2003 के तहत सक्रिय कदम उठा रही है। राज्य के 19,000 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों को तंबाकू मुक्त घोषित किया गया है और प्रत्येक जिले की 5 ग्राम पंचायतों को धूम्रपान मुक्त बनाने की पहल शुरू हुई है। वर्ष 2024-25 में कोटपा उल्लंघन के लिए 10,221 लोगों पर 12,98,010 का जुर्माना वसूला गया। सभी जिला अस्पतालों में तंबाकू परामर्श केंद्र भी संचालित हैं।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि सभी शैक्षणिक और स्वास्थ्य संस्थानों को 100 प्रतिशत तंबाकू मुक्त बनाने के लिए डिजिटल निगरानी प्रणाली लागू की जाएगी। स्वास्थ्य सेवाओं की आयुक्त डॉ. प्रियंका शुक्ला ने बताया कि तंबाकू का धुआं न केवल उपभोक्ता, बल्कि आसपास के लोगों के लिए भी खतरनाक है। सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान निषेध के नियमों को और सख्ती से लागू किया जाएगा। इस अभियान में समाज के सभी वर्गों से सहयोग की अपील की गई है ताकि छत्तीसगढ़ को तंबाकू मुक्त और स्वस्थ बनाया जा सके।

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