Attack on a commercial ship : रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच काला सागर (ब्लैक सी) में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के निकट एक व्यापारी जहाज MV AGN Ragnar पर हुए हमले के बाद जहाज पर सवार भारतीय नाविकों को लेकर चिंता गहरा गई है। घटना के समय जहाज पर चार भारतीय क्रू सदस्य मौजूद थे।

दो भारतीय सुरक्षित, दो की तलाश जारी

कीव स्थित भारतीय दूतावास ने जानकारी दी है कि जहाज पर मौजूद चार भारतीय नागरिकों में से दो सुरक्षित हैं, जबकि दो अन्य नाविकों का अब तक पता नहीं चल पाया है। स्थानीय प्रशासन और बचाव एजेंसियां लापता नाविकों की तलाश में लगातार अभियान चला रही हैं। भारतीय दूतावास भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है।

एक सप्ताह में दूसरी बड़ी घटना

यह हमला ऐसे समय हुआ है जब कुछ दिन पहले ही ओडेसा क्षेत्र में एक अन्य मालवाहक जहाज पर हमले में भारतीय नागरिकों की जान गई थी। लगातार हो रही इन घटनाओं ने युद्ध क्षेत्र में काम कर रहे मर्चेंट नेवी कर्मियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। काला सागर में बढ़ते हमलों के कारण अंतरराष्ट्रीय शिपिंग गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।

विदेश मंत्रालय ने जारी की सुरक्षा सलाह

घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए भारत के विदेश मंत्रालय ने युद्ध प्रभावित समुद्री मार्गों पर काम कर रहे भारतीय नाविकों और शिपिंग कंपनियों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। मंत्रालय ने सलाह दी है कि किसी भी जहाज पर तैनाती स्वीकार करने से पहले उसके रूट, सुरक्षा व्यवस्था, बीमा कवरेज और आपातकालीन सहायता प्रणाली की पूरी जानकारी अवश्य लें। साथ ही जोखिम वाले समुद्री क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है।

दूतावास लगातार स्थिति पर रखे हुए है नजर

भारतीय दूतावास ने कहा है कि लापता नाविकों की तलाश जारी है और जैसे ही कोई नई जानकारी मिलेगी, उसे साझा किया जाएगा। फिलहाल सभी प्रयास दोनों भारतीय नागरिकों का सुरक्षित पता लगाने पर केंद्रित हैं। युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में लगातार बढ़ते हमलों के बीच भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता बनी हुई है।

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