भोपाल। मध्य प्रदेश की जेलों में बंद महिला कैदियों को प्रदेश सरकार नए साल का तोफा देने जा रही है। नए साल से हर महीने जेल में कैद महिलाओ को हेयर रिमूवल क्रीम और हफ्ते में एक बार शैम्पू मिलेगा। यह सुविधा 1जनवरी, 2025 से शुरू होगी। इसका मकसद महिला कैदियों की साफ-सफाई का ध्यान रखना है। साथ ही, राज्य के सभी कैदियों को अब खाने के साथ सलाद मिलेगा। चाय, दूध, तेल और दाल की मात्रा भी थोड़ी बढ़ाई जाएगी। ये बदलाव एमपी करेक्शनल सर्विसेज एंड प्रिज़न्स एक्ट 2024 के तहत हो रहे हैं।

यह कानून 2 अक्टूबर, गांधी जयंती से लागू होना था लेकिन कुछ जरूरी चीजें छूटने के कारण इसमें देरी हुई। स्वास्थ्य और साफ-सफाई के अलावा, जेलों में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने और भीड़भाड़ कम करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। एमपी की जेलों में क्षमता 36,000 की है लेकिन 43,000 कैदी हैं। इनमें से लगभग 1,900 महिलाएं हैं।नए कानून में एक अहम बात 'अपराधी के मन को समझना और बदलना' है। जेल कर्मचारियों को अपराधी को बेहतर तरीके से समझने और उनके साथ व्यवहार करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। नए राज्य जेल कानूनों के लिए केंद्र सरकार के मॉडल प्रिज़न्स एक्ट 2023 को आधार बनाया गया है।

'सेंट्रल प्रिज़न' या 'डिस्ट्रिक्ट प्रिज़न' के साथ 'करेक्शनल इंस्टीट्यूशन' शब्द भी जोड़ा जाएगा। टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर जोर दिया जा रहा है। प्रशासनिक कामों को डिजिटल किया जाएगा। डेटाबेस को केंद्र सरकार के कम्प्यूटरीकृत सिस्टम से जोड़ा जाएगा। सरकार केंद्रीय सिस्टम के साथ जानकारी साझा करने के लिए इंटरफेस भी विकसित करेगी. इधर भोपाल सेन्ट्रल जेल के एडिशनल एसपी एम एस मरावी ने कहा की नए नियम नए साल से लागु होंगे लेकिन इन नियमो मे क्या खास रहेगा ये नियम देखने के बाद पता चलेगा।

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