UP TET 2026 रिजल्ट के बाद अभ्यर्थियों का फूटा गुस्सा, OMR रिजेक्शन और नॉर्मलाइजेशन पर उठे सवाल; दोबारा जांच की मांग
अभ्यर्थियों ने बड़ी संख्या में OMR शीट रिजेक्ट किए जाने और नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाते हुए दोबारा जांच की मांग की है।
लखनऊ : UP TET 2026 का परिणाम जारी होने के कुछ दिन बाद प्रयागराज में अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों ने बड़ी संख्या में OMR शीट रिजेक्ट किए जाने और नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाते हुए दोबारा जांच की मांग की है।
आयोग कार्यालय के बाहर अभ्यर्थियों का प्रदर्शन
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी UP TET 2026 के रिजल्ट को लेकर विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। परिणाम जारी होने के पांच दिन बाद सोमवार को बड़ी संख्या में अभ्यर्थी प्रयागराज स्थित राज्य शिक्षा सेवा चयन आयोग के कार्यालय के बाहर पहुंचे और प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने सड़क जाम कर अपनी नाराजगी जताई और रिजल्ट प्रक्रिया की समीक्षा की मांग की।
अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा में शामिल करीब 60 हजार उम्मीदवारों की OMR शीट रिजेक्ट किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसे लेकर प्रदर्शनकारियों ने आयोग से सभी रिजेक्ट मामलों की दोबारा जांच कराने की मांग की है।
OMR में छोटी गलतियों को लेकर नाराजगी
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि OMR शीट भरते समय रोल नंबर, बुकलेट नंबर या विषय से संबंधित विकल्प में मामूली गलती होने पर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के परिणाम प्रभावित हुए हैं। उनका कहना है कि कुछ मामलों में तकनीकी कारणों या छोटी मानवीय चूक को आधार बनाकर OMR को रिजेक्ट कर दिया गया।
अभ्यर्थियों ने मांग की है कि ऐसे सभी मामलों की दोबारा जांच की जाए और जहां अभ्यर्थी परीक्षा के नियमों के तहत पात्र पाए जाएं, वहां उनके परिणाम को संशोधित किया जाए। प्रदर्शनकारियों ने यह भी सवाल उठाया कि OMR जांच की प्रक्रिया में पर्याप्त सावधानी बरती गई थी या नहीं।
नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया पर भी उठे सवाल
अभ्यर्थियों की नाराजगी केवल OMR रिजेक्शन तक सीमित नहीं है। उन्होंने अलग-अलग पालियों में आयोजित परीक्षा के अंकों को सामान्य करने के लिए अपनाई गई नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं।
प्रदर्शनकारियों का दावा है कि नॉर्मलाइजेशन के बाद कई अभ्यर्थियों के अंकों में ऐसा बदलाव हुआ, जिससे उनके अंतिम परिणाम पर असर पड़ा। उनका कहना है कि नॉर्मलाइजेशन से जुड़े अंकों और पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता की समीक्षा की जानी चाहिए, ताकि किसी योग्य उम्मीदवार के साथ अन्याय न हो।
आयोग को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर आयोग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने OMR रिजेक्शन और नॉर्मलाइजेशन से जुड़े मामलों की जांच कराने के साथ परिणाम की समीक्षा की मांग रखी।
अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा में की गई छोटी तकनीकी या मानवीय गलती के कारण किसी उम्मीदवार का भविष्य प्रभावित नहीं होना चाहिए। उन्होंने आयोग से स्पष्ट और पारदर्शी तरीके से मामले की जांच कर समाधान निकालने की मांग की है।
समाधान नहीं मिला तो आंदोलन बढ़ाने की चेतावनी
अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्हें लिखित रूप से समाधान चाहिए और जब तक उनकी शिकायतों पर स्पष्ट कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रह सकता है।