लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 61 शिक्षक-शिक्षिकाओं का चयन राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 के लिए किया गया है। प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कंपोजिट और पीएम श्री विद्यालयों में बेहतर योगदान देने वाले शिक्षकों को राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।


61 शिक्षकों के नामों पर लगी मुहर

उत्तर प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, विद्यार्थियों की सीख को बेहतर बनाने और स्कूलों में नवाचार को बढ़ावा देने वाले शिक्षकों के काम को राज्य स्तर पर पहचान मिलने जा रही है। बेसिक शिक्षा विभाग ने राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 के लिए 61 शिक्षक-शिक्षिकाओं का चयन किया है। राज्य स्तरीय चयन समिति की संस्तुति के बाद इन नामों को मंजूरी दी गई है।

चयन प्रक्रिया के दौरान अलग-अलग जिलों से भेजे गए प्रस्तावों पर समिति ने विचार किया। इसके बाद उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों का चयन किया गया। विभाग की ओर से जारी सूची में चयनित शिक्षकों के नाम के साथ उनके पद, विद्यालय और संबंधित विकासखंड की जानकारी भी दी गई है।

प्रदेश के अलग-अलग जिलों से शिक्षक शामिल

राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए चयनित शिक्षकों में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से शिक्षक शामिल हैं। आगरा से संगीता शर्मा, अलीगढ़ से अमर सिंह, अंबेडकर नगर से राम मिलन गुप्ता, अमरोहा से गीता वर्मा, अयोध्या से पंकज कुमार द्विवेदी, आजमगढ़ से प्रदीप कुमार सिंह और बहराइच से प्रीति मिश्रा का चयन किया गया है।

इसी तरह बलिया से अजीत कुमार श्रीवास्तव, बलरामपुर से सलमा खान, बाराबंकी से राहुल कुमार शुक्ल, भदोही से ऊर्मिला देवी, बिजनौर से रचना कपूर, बदायूं से किरन देवी, बुलंदशहर से जूली मलिक, चंदौली से उषा सिंह और चित्रकूट से हरीशंकर त्रिपाठी को पुरस्कार के लिए चुना गया है।

गौतमबुद्ध नगर से अर्चना पांडेय, गाजियाबाद से ज्योत्सना गोस्वामी, गाजीपुर से संतोष कुशवाहा, गोंडा से सुनीत मित्र पाण्डेय, गोरखपुर से नवीन कुमार त्रिपाठी, हमीरपुर से नीतिराज सिंह, हापुड़ से शुचि त्यागी, हरदोई से विजया अवस्थी और हाथरस से पल्लवी चतुर्वेदी भी चयनित शिक्षकों में शामिल हैं।

प्राथमिक से पीएम श्री विद्यालयों तक सम्मान

पुरस्कार के लिए चयनित शिक्षकों में प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक दोनों शामिल हैं। प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कंपोजिट, पूर्व माध्यमिक और पीएम श्री विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को इस सूची में स्थान मिला है। इससे स्कूली शिक्षा के अलग-अलग स्तरों पर बेहतर कार्य करने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहन मिलेगा।

चयनित शिक्षकों में जौनपुर से संजय कुमार मिश्र, झांसी से प्रीति श्रीवास्तव, कन्नौज से सुमन लता यादव, कानपुर देहात से विनीत कुमार मिश्र, कानपुर नगर से डॉ. कामायनी शर्मा, कासगंज से धनंजय प्रताप सिंह, कौशांबी से सुमन कुशवाहा, लखीमपुर खीरी से प्रमोद कुमार, ललितपुर से प्रीति गुप्ता और लखनऊ से विनीता का नाम शामिल है।

शिक्षा में नवाचार और बेहतर परिणाम पर जोर

राज्य अध्यापक पुरस्कार का उद्देश्य केवल शिक्षकों को सम्मानित करना नहीं, बल्कि विद्यालयों में बेहतर शिक्षण पद्धतियों, नवाचार और विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों को प्रोत्साहित करना भी है। उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को राज्य स्तर पर पहचान मिलने से अन्य शिक्षकों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिलने की उम्मीद है।

शिक्षक हैं शिक्षा व्यवस्था की अहम कड़ी

बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह के अनुसार, शिक्षक बच्चों के भविष्य निर्माण और प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों के सम्मान से उनके समर्पण और नवाचार को पहचान मिलेगी और शिक्षक समुदाय को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए नई ऊर्जा मिलेगी।

सरकार की ओर से शिक्षक सम्मान की इस पहल को विद्यालयों में बेहतर कार्य संस्कृति विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। चयनित शिक्षकों को राज्य अध्यापक पुरस्कार के माध्यम से सम्मानित किया जाएगा।

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