नई दिल्ली: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दो पैन कार्ड रखने के मामले में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को राहत दी है। कोर्ट ने दोनों की सजा निलंबित करते हुए जमानत अर्जी मंजूर कर ली। हालांकि, दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग खारिज कर दी। न्यायमूर्ति समित गोपाल की एकलपीठ ने यह फैसला सुनाया।

अलग-अलग जन्मतिथि वाले पैन कार्ड का मामला

आजम खान और अब्दुल्ला आजम ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए आपराधिक पुनरीक्षण याचिकाएं दाखिल की थीं। अभियोजन का आरोप है कि दोनों ने अलग-अलग जन्मतिथियों वाले पैन कार्ड बनवाए और उनका इस्तेमाल किया। चुनावी नामांकन पत्रों में भी कथित तौर पर दूसरे पैन कार्ड का उपयोग किया गया था।

जौहर यूनिवर्सिटी की संपत्ति पर ईडी की कार्रवाई

इस मामले के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन और भवनों को पीएमएलए के तहत अटैच किया है। इन संपत्तियों की बाजार कीमत करीब 1,170 करोड़ रुपए बताई गई है। भवनों के निर्माण पर 426.46 करोड़ रुपए खर्च हुए थे, जिसमें अधिकांश राशि सरकारी बताई गई है।

जमीन कब्जाने और सरकारी धन के इस्तेमाल के आरोप

ईडी ने रामपुर के अजीम नगर थाने में दर्ज 26 एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी। आरोप है कि विश्वविद्यालय के लिए किसानों की जमीन पर कब्जा किया गया और सार्वजनिक कार्यों के लिए आवंटित धन का इस्तेमाल विश्वविद्यालय में किया गया। मामले में जांच के निष्कर्षों के आधार पर कार्रवाई की गई है।

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