MP News : भोपाल। मध्य प्रदेश में अभी गर्मी की दस्तक नहीं हुई है। सुबह और शाम गुलाबी ठंड का एहसास जारी है। लेकिन उसके बावजूद भोपाल शहर में पानी का संकट गहराने लगा है। शहर के कई इलाकों में वॉटर सप्लाई का शेड्यूल बदल गया है। एक चौथाई शहर में एक दो या तीन दिन छोड़कर पानी सप्लाई हो रहा है। हालांकि शहर में सप्लाई होने वाले पानी के स्रोत्र लबालब भरे हैं, लेकिन नगर निगम के पास सप्लाई करने के लिए पानी की टंकियां ओवरहेड टैंक नहीं हैं।

MP News : कई इलाकों में एक ओवरहेड टैंक अपनी क्षमता से तीन गुना ज्यादा एरिया में सप्लाई कर रहा है। दरअसल पिछले 10 सालों में वॉटर सप्लाई व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए नगर निगम पांच अरब रुपए से ज्यादा खर्च कर चुका है। करीब चार अरब रुपए तो सिर्फ नर्मदा का पानी शाहगंज से भोपाल लाने और घर-घर पहुंचाने में ही खर्च हो गए। इसमें 2300 किमी लंबे वॉटर डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क बिछाने और 64 ओवरहेड टैंक बनाने में खर्च किए गए, जबकि 250 करोड़ रुपए नई कोलार लाइन डालने में खर्च हुए।

MP News : मनुअभान टेकरी पर नया वॉटर फिल्टर प्लांट बनाकर एयरपोर्ट रोड से लगी कॉलोनियों सहित करोंद नबीबाग तक के इलाकों में बड़ी झील का पानी पहुंचाया गया। इसके बावजूद भी शहर की एक चौथाई आबादी को अभी भी एक-दो या तीन दिन छोड़ पानी मिल रहा है।शहर के पॉश इलाके चार इमली और 74 बंगला जैसे एरिया में नगर निगम दो-दो घंटे पानी सप्लाई कर रहा है, लेकिन कोहेफिजा, करोंद, नारियलखेड़ा सहित पुराने शहर के कई इलाकों में एक दिन छोड़ कर सप्लाई हो रही है।

MP News : जहांगीराबाद और ऐशबाग के कुछ इलाकों में एक दिन में दो बार पानी सप्लाई हो रहा है, जबकि भदभदा रोड, मिसरोद, 11 मील, रायसेन रोड, करोंद आदि इलाकों की नई कॉलोनियों के साथ पुराने शहर के कई इलाकों में अभी भी पानी नहीं पहुंच पा रहा है। शहर के ऐसे भी इलाके हैं, जहां रात 3 बजे पानी सप्लाई हो रहा है।

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