Super Pinaka Weapon System का सफल ट्रायल, देखें वीडियो कैसे दुश्मनों के लिए काल बनकर टूटेगी ये गाइडेड मिसाइल
Super Pinaka Weapon System: रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने प्रोविजनल स्टाफ क्वालिटेटिव रिक्वायरमेंट्स (PSQR) वैलिडेशन ट्रायल के तहत गाइडेड
By : Pradeep Sharma
Update: 2024-11-15 07:07 GMT
नई दिल्ली। Super Pinaka Weapon System: रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने प्रोविजनल स्टाफ क्वालिटेटिव रिक्वायरमेंट्स (PSQR) वैलिडेशन ट्रायल के तहत गाइडेड पिनाका वेपन सिस्टम के उड़ान परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। ये परीक्षण विभिन्न फील्ड फायरिंग रेंज में तीन चरणों में आयोजित किए गए।
Super Pinaka Weapon System: 12-12 रॉकेटों का व्यापक परीक्षण
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, परीक्षणों में रॉकेट्स की विस्तृत जांच की गई, जिसमें पीएसक्यूआर मापदंडों जैसे रेंज, सटीकता, स्थिरता, और सैल्वो मोड में एक साथ कई लक्ष्यों पर हमले की क्षमता का मूल्यांकन किया गया। प्रत्येक उत्पादन एजेंसी के 12-12 रॉकेटों का परीक्षण इन-सर्विस पिनाका लॉन्चरों से किया गया, जिन्हें लॉन्चर उत्पादन एजेंसियों द्वारा उन्नत किया गया है।
Super Pinaka Weapon System: पूरी तरह स्वदेशी हथियार प्रणाली
पिनाका मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम का सटीक स्ट्राइक संस्करण डीआरडीओ की एक पूरी तरह से स्वदेशी पहल है। इसे आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट के साथ रिसर्च सेंटर इमारत, रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला, हाई एनर्जी मटेरियल्स रिसर्च लैबोरेटरी, और प्रूफ एंड एक्सपेरिमेंटल एस्टेब्लिशमेंट ने मिलकर विकसित किया है।
एम्युनिशन उत्पादन में म्युनिशंस इंडिया लिमिटेड और इकोनॉमिक एक्सप्लोसिव्स लिमिटेड ने सहायक एजेंसियों के रूप में भूमिका निभाई, जबकि टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड और लार्सन एंड टुब्रो ने पिनाका लॉन्चर और बैटरी कमांड पोस्ट का निर्माण किया है।
Super Pinaka Weapon System: केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी बधाई
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ और भारतीय सेना की इस उपलब्धि के लिए सराहना की। उन्होंने कहा कि गाइडेड पिनाका प्रणाली के शामिल होने से सशस्त्र बलों की मारक क्षमता में और इजाफा होगा। रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत ने भी परीक्षण में शामिल टीमों को बधाई दी। उन्होंने बताया कि यह रॉकेट प्रणाली भारतीय सेना में शामिल होने के लिए सभी आवश्यक उड़ान परीक्षणों में खरा उतरी है।