सिकल सेल अनुवांशिक बीमारी, पूरी जानकारी का आभाव, पीड़ित हो रहे परेशान: डॉ प्रदीप
सिकल सेल अनुवांशिक बीमारी, पूरी जानकारी का आभाव, पीड़ित हो रहे परेशान: डॉ प्रदीप
By : Anushka Singh
Update: 2024-07-24 00:32 GMT
रजनीश सिंह/मुंगेली: सिकल सेल के जांच प्रबंधन और डायरिया की रोकथाम के बारे में कार्यशाला का आयोजन मानियारी के सभा कक्ष में संपन्न हुआ। जिसमें कलेक्टर राहुल देव ने बताया कि स्टॉप डायरिया कैम्पन का कार्यकम 1 जुलाई से 31 अगस्त तक अयोजित किया जाएगा । जिससे 0 से 5 वर्ष के बच्चों में मृत्यु का एक मुख्य कारण डायरिया है। जिसके उपचार और निदान से इसमें कमी लाई जा सकती है। बिलासपुर से आये डॉ प्रदिप सिहरे ने इस बारे में बताया कि सिकल सेल एक अनुवांशिक बीमारी है।जिसमें ऑक्सिजन की कमी के कारण लाल रक्त कण हसिया का रूप ले लेता है।इसलिए इसे सिक्ल सेल कहा जाता है या सिकलिंग कहा जाता है.
सिक्ल सेल के मरीजों में बीमारी से लड़ने की छमता कम हो जाती है।और बार बार इंफेक्शन होने लगता है डॉ प्रदीप सिहरे ने बताया कि सिक्ल सेल दो प्रकार का होता है पहला सिक्ल सेल ट्रेट और दूसरा सिक्ल सेल अनीमिया । सिकल सेल बचाव के लिये रोगियों की पहचान और नवजात शिशु की जांच करना जरूरी होता है।डॉ अमर सिंह ने भी बताया कि जिन समुदाय के लोंगो में सिक्ल सेल की बीमारी पायी जाती है उनमें विवाहित जोडों को सिक्ल सेल की जाँच कराने और गर्भ धारण के पहले सिक्ल सेल की जाँच के प्रेरित करना जरूरी बताया औऱ प्रेरित किया जाना चाहिए।