Raipur City News : छत्तीसगढ़ सरकार ने लॉन्च की सुगम ऐप, अब घर बैठे कराएं संपत्ति की रजिस्ट्री...
अधिकारी ने बताया कि 21 अक्टूबर को लॉन्च किए गए इस ऐप को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है।
By : Rohit Banchhor
Update: 2024-10-24 06:53 GMT
Raipur City News : रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने संपत्ति के पंजीकरण को सरल, पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने सुगम ऐप लॉन्च किया है, जिसके जरिए अब लोग घर बैठे अपनी संपत्ति की ऑनलाइन रजिस्ट्री करवा सकेंगे। यह ऐप न केवल लोगों को दफ्तरों के चक्कर लगाने से बचाएगा, बल्कि धोखाधड़ी के मामलों में भी कमी लाएगा।
Raipur City News : प्रॉपर्टी से जुड़ी धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को देखते हुए, छत्तीसगढ़ सरकार ने यह ऐप लॉन्च किया है। अक्सर एक ही संपत्ति को कई लोगों को बेचे जाने या जमीन के गलत दस्तावेज़ बनाए जाने की खबरें आती हैं। ऐसे में, सुगम ऐप से संपत्ति की सही स्थिति की पुष्टि करके, पंजीकरण को अधिक विश्वसनीय बनाया जाएगा।
Raipur City News : संपत्ति की तस्वीर और जियोग्राफिकल स्थिति-
इस ऐप की सबसे खास बात यह है कि पंजीकरण प्रक्रिया के दौरान, संपत्ति की तस्वीरें तीन अलग-अलग एंगल से ली जाएंगी और ये तस्वीरें सीधे रजिस्ट्रार के मॉड्यूल में ट्रांसफर की जाएंगी। साथ ही, संपत्ति के अक्षांश (लैटिट्यूड) और देशांतर (लॉन्गिट्यूड) की जानकारी भी पंजीकृत की जाएगी। इससे संपत्ति की वास्तविक स्थिति को रजिस्ट्रेशन पेपर में स्थायी रूप से दर्ज किया जाएगा, जो भविष्य में विवादों से बचने में मदद करेगा।
Raipur City News : लॉन्च के बाद से मिल रही है शानदार प्रतिक्रिया
अधिकारी ने बताया कि 21 अक्टूबर को लॉन्च किए गए इस ऐप को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। अब तक 1,200 से अधिक संपत्तियों का सफल पंजीकरण इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया जा चुका है।
Raipur City News : सरकार का विजन
राज्य के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा, यह ऐप न केवल प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाता है, बल्कि यह धोखाधड़ी के मामलों को भी रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारा उद्देश्य नागरिकों को सशक्त बनाना और तकनीकी के माध्यम से प्रक्रियात्मक सुधार लाना है।
Raipur City News : सुगम ऐप कैसे करेगा काम
इस ऐप का उपयोग बेहद आसान है। ऐप में दिए गए निर्देशों के अनुसार, संबंधित पक्ष संपत्ति की तस्वीरें और लोकेशन डेटा को दर्ज करेगा। इसके बाद ये जानकारी रजिस्ट्रार के पास पहुंच जाएगी, जो संपत्ति की असली स्थिति की पुष्टि के बाद पंजीकरण प्रक्रिया को पूरा करेगा।