Bilaspur Suspended Constable Theft Case: सस्पेंडेड कॉन्स्टेबल ने दोस्तों संग अपने ही घर में की चोरी, जांच में सामने आया चौंकाने वाला मामला
Bilaspur Suspended Constable Theft Case: बिलासपुर में सस्पेंडेड आरक्षक ने दोस्तों के साथ मिलकर अपने ही घर में चोरी की। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेवर और बुलेट बाइक बरामद की है।
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में चोरी के एक मामले का खुलासा हुआ तो पुलिस भी हैरान रह गई। जिस घर में चोरी हुई, उसी परिवार का बेटा इस वारदात का मास्टरमाइंड निकला। आरोपी खुद पुलिस विभाग में आरक्षक रह चुका है और फिलहाल निलंबित चल रहा है।
पुलिस के मुताबिक, नशे की जरूरत पूरी करने के लिए उसने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर घर में रखे सोने-चांदी के जेवर और नकदी पर हाथ साफ कर दिया।
सकरी थाना क्षेत्र की सागरदीप कॉलोनी में हुई इस वारदात में पुलिस ने आरोपी आशीष मिश्रा समेत उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी के जेवर और वारदात में इस्तेमाल की गई बुलेट बाइक बरामद की गई है। तीनों को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
तीज मनाने गांव गई थी महिला, पीछे से घर में हो गई चोरी
पुलिस के मुताबिक, सागरदीप कॉलोनी निवासी वृंदावती मिश्रा तीज मनाने अपने पैतृक गांव रीवा गई थीं। इसी दौरान उनके घर में चोरी हो गई। वापस लौटने पर कमरे की अलमारी और लॉकर के ताले टूटे मिले।
अलमारी की जांच करने पर सोने-चांदी के जेवर और नकदी गायब मिली। इसके बाद महिला ने सकरी थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो शुरुआती शक घर और परिवार से जुड़े लोगों पर गया।
बेटे की गतिविधियों ने बढ़ाया पुलिस का शक
जांच के दौरान पुलिस ने परिवार के सदस्यों और परिचितों से पूछताछ की। इसी दौरान वृंदावती के बेटे आशीष मिश्रा की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। पुलिस को पता चला कि चोरी के दौरान आशीष घर पर मौजूद था।
इसके बाद पुलिस ने आशीष से पूछताछ शुरू की। उसके साथ ही सिविल लाइन क्षेत्र के 27 खोली निवासी सूरज सिंह ठाकुर उर्फ मोना और उसलापुर निवासी अनुराग चौधरी उर्फ लालू से भी पूछताछ की गई।
दोस्तों के साथ मिलकर बनाई थी चोरी की प्लानिंग
पुलिस पूछताछ में आशीष टूट गया और उसने अपने दोनों दोस्तों के साथ मिलकर चोरी करने की बात कबूल कर ली। पुलिस के मुताबिक, आशीष को घर में रखे जेवर और नकदी की पूरी जानकारी थी। इसी का फायदा उठाकर उसने दोस्तों के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई।
पुलिस ने तीनों आरोपियों की निशानदेही पर चोरी किए गए जेवर बरामद किए। वारदात में इस्तेमाल की गई बुलेट बाइक भी जब्त की गई है।
पिता की जगह मिली थी पुलिस में अनुकंपा नियुक्ति
CSP परमेश्वर तिलकवार के मुताबिक, आरोपी आशीष मिश्रा पुलिस विभाग में आरक्षक था। उसे अपने पिता की जगह अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। काम में लापरवाही और नशे की आदत के चलते वह फिलहाल निलंबित चल रहा है।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने नशे की जरूरत पूरी करने के लिए चोरी की वारदात को अंजाम दिया था।
अब पुराने मामलों की भी जांच कर रही पुलिस
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार तीनों आरोपी स्थानीय स्तर पर अच्छे परिवारों से बताए जा रहे हैं। इसके बावजूद उन्होंने मिलकर अपने ही परिचित के घर को निशाना बनाया।
अब पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कहीं तीनों आरोपियों ने इससे पहले भी चोरी या किसी दूसरी आपराधिक वारदात को अंजाम तो नहीं दिया है। इसके लिए उनके पुराने रिकॉर्ड और गतिविधियों की जांच की जा रही है।