पटना। बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मंगलवार को अपने चार उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने अलग-अलग सीटों के लिए अनुभवी नेताओं पर भरोसा जताया है।

बीजेपी की ओर से जारी सूची के अनुसार, पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से नवल किशोर यादव, तिरहुत शिक्षक क्षेत्र से नरेंद्र प्रसाद सिंह, दरभंगा स्नातक क्षेत्र से सर्वेश कुमार और कोशी स्नातक क्षेत्र से डॉ. एनके को उम्मीदवार बनाया गया है।


NDA में BJP और JDU लड़ रही हैं 4-4 सीटों पर चुनाव

बिहार एमएलसी चुनाव में एनडीए के घटक दल बीजेपी और जनता दल यूनाइटेड (JDU) के बीच सीटों का बंटवारा किया गया है। दोनों पार्टियां चार-चार सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं।

बीजेपी ने मंगलवार को अपने उम्मीदवारों की घोषणा की, जबकि जेडीयू पहले ही अपने चार प्रत्याशियों के नाम घोषित कर चुकी है। जेडीयू ने पटना स्नातक सीट से नीरज कुमार, तिरहुत स्नातक से अभिषेक झा, सारण शिक्षक सीट से आनंद पुष्कर और दरभंगा शिक्षक सीट से घनश्याम राय को उम्मीदवार बनाया है।


RJD ने छह सीटों पर उतारे प्रत्याशी

वहीं, विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने भी एमएलसी चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। राजद ने पटना शिक्षक क्षेत्र से डॉ. संजीव कुमार सिंह, पटना स्नातक से दिलीप कुमार, कोशी स्नातक से नितेश कुमार, दरभंगा स्नातक से अनिल कुमार झा, सारण शिक्षक से प्रो. जयराम यादव और तिरहुत स्नातक से डॉ. रश्मि विनायक गौतम को चुनाव मैदान में उतारा है।


जन सुराज ने सभी 8 सीटों पर उतारे उम्मीदवार

बिहार एमएलसी चुनाव में जन सुराज ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हुए सभी आठ सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। पार्टी ने पटना स्नातक से डॉ. अनुज सिंह, तिरहुत स्नातक से डॉ. विमोहन, तिरहुत शिक्षक से डॉ. भूषण झा, दरभंगा शिक्षक से एसपी राय, दरभंगा स्नातक से रवींद्र यादव, सारण शिक्षक से अफाक अहमद, पटना शिक्षक से दिव्या ज्योति और कोशी स्नातक से रजनीश रंजन को प्रत्याशी बनाया है।


एमएलसी चुनाव में दिखेगा बहुकोणीय मुकाबला

बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक सीटों पर होने वाला चुनाव इस बार कई दलों की सक्रिय भागीदारी के कारण दिलचस्प हो गया है। बीजेपी, जेडीयू, आरजेडी और जन सुराज ने अपने-अपने उम्मीदवार मैदान में उतार दिए हैं। अब सभी दल अपने प्रत्याशियों के समर्थन में चुनावी रणनीति बनाने में जुट गए हैं।

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