पटना। रक्षाबंधन के मौके पर बिहार सरकार ने महिला सशक्तिकरण और स्वच्छ ऊर्जा को जोड़ते हुए बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य की करीब 10 लाख जीविका दीदियों के घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जाएगा। इन घरों पर रूफटॉप सोलर पैनल लगाए जाएंगे, जिससे बिजली की लागत कम करने और परिवारों की बचत बढ़ाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इसे रक्षाबंधन पर बिहार की बहनों के लिए विशेष उपहार बताते हुए कहा कि यह कदम आत्मनिर्भरता और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

31 मार्च तक घरों पर लगेंगे सोलर पैनल

मुख्यमंत्री के मुताबिक, राज्य सरकार ने 10 लाख जीविका दीदियों के घरों को पीएम सूर्य घर योजना से जोड़ने का लक्ष्य तय किया है। इसके तहत 31 मार्च तक पात्र परिवारों के घरों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने की योजना है। सरकार का कहना है कि सौर ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ने से परिवारों के बिजली खर्च में कमी आएगी। इससे बचत बढ़ने के साथ महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में भी मदद मिल सकती है।

बिजली बिल कम करने पर सरकार का जोर

सम्राट चौधरी ने कहा कि सोलर पैनल लगने से जीविका दीदियों के परिवारों को बिजली के खर्च में राहत मिलेगी। सरकार इसे केवल बिजली बचत की योजना नहीं, बल्कि महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़कर देख रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ महिलाओं की आय और परिवार की बचत बढ़ाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

महिला यूनिवर्सिटी में सिर्फ महिलाएं होंगी

रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री ने इससे पहले बिहार में महिला विश्वविद्यालय स्थापित करने की घोषणा भी की थी। प्रस्तावित विश्वविद्यालय में केवल छात्राओं का नामांकन होगा। इसके अलावा शिक्षक, अन्य स्टाफ और कुलपति के पदों पर भी महिलाओं की नियुक्ति की योजना बताई गई है। सरकार इस पहल को छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा के विशेष अवसर तैयार करने और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में अहम कदम मान रही है।

5 लाख महिलाओं के खातों में 600 करोड़ ट्रांसफर

पटना के बापू सभागार में आयोजित ‘समृद्ध महिला, समृद्ध बिहार’ अभियान के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने महिला रोजगार योजना के तहत 5 लाख लाभार्थियों के बैंक खातों में करीब 600 करोड़ की राशि ट्रांसफर की। इन लाभार्थियों को योजना की पहली और दूसरी किस्त के रूप में क्रमशः 10 हजार और 20 हजार की सहायता उपलब्ध कराई गई। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के लिए आर्थिक आधार उपलब्ध कराना है।

1 करोड़ महिलाओं को रोजगार देने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार सरकार का लक्ष्य राज्य की 1 करोड़ महिलाओं को रोजगार से जोड़ना और बड़ी संख्या में महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाना है। इसके लिए पशुपालन, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का मानना है कि महिलाओं की आय बढ़ने से परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।

जीविका निधि से लोन और 112 ग्रामीण हाट

कार्यक्रम के दौरान जीविका निधि के जरिए 10 हजार लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध कराने और 112 ग्रामीण हाट के निर्माण कार्यों की शुरुआत की गई। ग्रामीण हाट के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी। इन पहलों का उद्देश्य महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता देने तक सीमित न रखते हुए उनके लिए स्थायी आय के अवसर तैयार करना बताया गया है।

आत्मनिर्भर महिलाओं से समृद्ध बिहार का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण ही समृद्ध बिहार की मजबूत नींव है। सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने, उन्हें रोजगार से जोड़ने और स्वच्छ ऊर्जा की सुविधाएं उपलब्ध कराने पर एक साथ काम कर रही है।

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