MP News : भोपाल। मध्य प्रदेश में नर्सिंग छात्र-छात्राओं का भविष्य चौपट हो रहा है। प्रदेश के नर्सिंग कॉलेज में प्रवेशरत विधार्थियों को ना समय पर स्कॉलरशिप मिल पा रही हैं और ना ही विभाग समय पर परीक्षा आयोजित कर रहा है। एनएसयूआई ने आज नर्सिंग छात्र-छात्राओं की परेशानी को लेकर राज भवन का घेराव किया। पीसीसी दफ्तर से एनएसयूआई नर्सिंग छात्रों के साथ जैसे ही राज भवन की और बड़ी पुलिस ने उन्हें रेड क्रास चौराहे पर बेरीकेटिंग कर रोक लिया। इस दौरान छात्रों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।

MP News : एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार के नेतृत्व में हुए नर्सिंग छात्र-छात्राओं के प्रदर्शन में पुलिस के रोके जाने से नाराज छात्र छात्राएं सड़क पर बैठ गए और जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया उसके बाद पुलिस प्रशासन NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार प्रदेश सह सचिव अमन पठान लक्की चौबे और छात्र छात्राओं के प्रतिनिधि मंडल को राजभवन लेकर पहुंचा वहां एनएसयूआई ने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा कि नर्सिंग छात्रों की छात्रवृत्ति पिछले चार वर्षों नहीं दी जा रही है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है और यह उनके अधिकारों का हनन है सरकार इवेंटों में करोड़ों रुपए खर्च कर रही है,

MP News : लेकिन छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति नहीं दे रही है इससे सरकार की मंशा स्पष्ट है की सरकार का ना तो शिक्षा पर ध्यान है ना स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर ध्यान है सरकार सिर्फ कर्ज लेकर इंवेंटो में मप्र के करोड़ों रुपए उड़ा रही हैं। रवि परमार ने कहा कि प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा की स्थिति लगातार बदहाल होती जा रही है। एकेडमिक कैलेंडर पूरी तरह से पटरी से उतर चुका है बीएससी नर्सिंग के 2019-20 सत्र के छात्र-छात्राओं की अभी तक अंतिम वर्ष की परीक्षा नहीं हुई वहीं बीएससी , एमएससी पोस्ट बीएससी नर्सिंग 2020-21 और 2021-22 सत्र के विद्यार्थियों की सेकंड ईयर की परीक्षाएं अब तक आयोजित नहीं हुईं 2020-21 और 2021-22 सत्र के प्रथम वर्ष के कई विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम अब तक घोषित नहीं किए गए हैं.

MP News : परीक्षा परिणामों में देरी के कारण छात्र मानसिक रूप से परेशान हो रहे हैं और उनका भविष्य अंधकार में जा रहा है। वहीं कई छात्र छात्राओं के नामांकन नहीं हो रहे जिससे उनके भविष्य पर भी संकट मंडरा रहा हैं। परमार ने कहा कि 2024-25 सत्र में बिना संबद्धता के नर्सिंग कॉलेजों में प्रवेश दिया जा चुका है। यदि इन कॉलेजों को संबद्धता नहीं मिली, तो वहां पढ़ने वाले हजारों विद्यार्थियों का भविष्य संकट में पड़ जाएगा। साथ ही, देरी से संबद्धता जारी करने से छात्रों की पढ़ाई पर भी गंभीर असर पड़ेगा। एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा कि सरकार की लापरवाही और चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य शिक्षा विभाग की उदासीनता के कारण नर्सिंग छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है।

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