Tamil Nadu: तमिलनाडु में राज्यगीत को लेकर नया विवाद: 21 सांसदों ने राज्यपाल को लिखा पत्र

सांसदों ने 28 जुलाई को तिरुनेलवेली स्थित मनोनमनियम सुंदरनार विश्वविद्यालय के 33वें दीक्षांत समारोह का हवाला दिया।

Update: 2026-08-06 10:54 GMT

Tamil Nadu: चेन्नई। तमिलनाडु में सरकारी और विश्वविद्यालयी कार्यक्रमों में राज्यगीत और राष्ट्रगान के क्रम को लेकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। राज्य के 21 सांसदों ने राज्यपाल आर. एन. रवि आर्लेकर को पत्र लिखकर मांग की है कि सभी सरकारी कार्यक्रमों और विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह की शुरुआत पहले की तरह तमिल राज्यगीत 'तमिल थाई वाझथु' से कराई जाए और समापन राष्ट्रगान 'जन गण मन' से हो।

दीक्षांत समारोह के बाद बढ़ा विवाद

सांसदों ने 28 जुलाई को तिरुनेलवेली स्थित मनोनमनियम सुंदरनार विश्वविद्यालय के 33वें दीक्षांत समारोह का हवाला दिया। उनके अनुसार, कार्यक्रम की शुरुआत 'वंदे मातरम्' से हुई, इसके बाद राष्ट्रगान बजाया गया और तमिल राज्यगीत को तीसरे स्थान पर रखा गया। सांसदों ने इसे स्थापित परंपरा से अलग बताते हुए आपत्ति जताई।

'तमिल थाई वाझथु' को बताया सांस्कृतिक पहचान

पत्र में कहा गया है कि 'तमिल थाई वाझथु' पिछले पांच दशक से अधिक समय से सार्वजनिक कार्यक्रमों की शुरुआत में गाया जाता रहा है। वर्ष 2021 में इसे आधिकारिक राज्यगीत का दर्जा भी मिला था। सांसदों का कहना है कि यह तमिल संस्कृति और इसके रचयिता मनोनमनियम सुंदरनार पिल्लै के सम्मान से जुड़ा विषय है।

राजभवन से मांगी सफाई

सांसदों ने राजभवन से स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने और सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट करने की भी मांग की कि राज्यगीत या उसके रचयिता के प्रति किसी प्रकार का अनादर करने का कोई इरादा नहीं था। इस पत्र पर पी. चिदंबरम, कार्ति चिदंबरम, बी. मणिक्कम टैगोर, थोल तिरुमावलवन और दुरई वाइको सहित 21 सांसदों के हस्ताक्षर हैं। फिलहाल राजभवन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

Tags:    

Similar News