Nitin Gadkari: नितिन गडकरी के खिलाफ फर्जी AI कंटेंट पर हाईकोर्ट सख्त, डीपफेक पोस्ट हटाने के निर्देश
Nitin Gadkari
Nitin Gadkari: नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और अन्य डिजिटल मध्यस्थों (Intermediaries) को गडकरी और उनके परिवार को केंद्र सरकार के E20 एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम से जोड़ने वाले कथित मानहानिकारक, डीपफेक और एआई से तैयार फर्जी कंटेंट को हटाने का अंतरिम आदेश दिया है। जस्टिस आरिफ डॉक्टर की एकल पीठ ने सुनवाई के दौरान संबंधित प्लेटफॉर्म्स को आपत्तिजनक पोस्ट, वीडियो और अन्य सामग्री हटाने के निर्देश दिए।
याचिका में किन्हें बनाया पक्षकार
यह मामला नितिन गडकरी की ओर से दायर सिविल सूट पर सुनवाई के दौरान सामने आया। उन्होंने अपनी याचिका में मेटा, एक्स (X), गूगल/यूट्यूब, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), दूरसंचार विभाग (DoT) और 'अशोक कुमार/जॉन डो' नाम से पहचाने गए अज्ञात सोशल मीडिया यूजर्स को पक्षकार बनाया है।
कोर्ट ने क्या कहा?
अदालत ने अपने आदेश में कहा, "वादी (नितिन गडकरी) जिन सामग्रियों को हटाने की मांग कर रहे हैं, उनके बारे में मैं केवल इतना ही कह सकता हूं कि वे पूरी तरह से घृणित और अपमानजनक हैं। ऐसे कॉन्टेन्ट को किसी भी सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर कोई स्थान नहीं होना चाहिए क्योंकि ये प्लेटफॉर्म्स हर किसी, यहां तक कि बच्चों और युवाओं के लिए भी सुलभ हैं। वादी ने अंतरिम राहत पाने के लिए प्रथम दृष्टया पर्याप्त आधार पेश किया है। मेटा और गूगल अदालत में उपस्थित हुए और उन्होंने एग्ज़िबिट-सी में लिस्ट कंटेंट को हटाने पर सहमति जताई है। उनका यह बयान रिकॉर्ड पर लिया जाता है।"
भविष्य के मामलों पर भी राहत
कोर्ट ने मेटा और गूगल को याचिका में चिन्हित सभी आपत्तिजनक, मानहानिकारक और डीपफेक सामग्री तुरंत हटाने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि भविष्य में यदि इसी तरह का डीपफेक या एआई आधारित फर्जी कंटेंट अपलोड होता है तो नितिन गडकरी संबंधित ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से संपर्क कर कार्रवाई करा सकते हैं। मामले की अगली सुनवाई निर्धारित तिथि पर होगी।