Brij Bhushan Sharan Singh: महिला पहलवान यौन उत्पीड़न केस में बृजभूषण शरण सिंह बरी, राउज एवेन्यू कोर्ट का फैसला
Brij Bhushan Sharan Singh
Brij Bhushan Sharan Singh: नई दिल्ली। महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में बीजेपी के पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को अदालत से बड़ी राहत मिली है। दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को फैसला सुनाते हुए उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने के लिए पर्याप्त और विश्वसनीय साक्ष्य पेश नहीं कर सका। इसी मामले में सह-आरोपी और WFI के पूर्व असिस्टेंट सेक्रेटरी विनोद तोमर को भी बरी किया गया।
सबूत और बयानों में मिले विरोधाभास
सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि कई शिकायतों में गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के बीच महत्वपूर्ण विरोधाभास थे। दो महिला पहलवान अपने पहले दिए गए बयानों से पलट गईं, जबकि एक शिकायत 2012 की कथित घटना से जुड़ी थी, जिसे कानूनी समय-सीमा के दायरे से बाहर माना गया। कुछ मामलों में कथित घटना की जगह और संबंधित पक्षों की मौजूदगी भी रिकॉर्ड से मेल नहीं खाई।
2023 में शुरू हुआ था विवाद
यह मामला वर्ष 2023 में उस समय चर्चा में आया था, जब कई महिला पहलवानों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करते हुए बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप पर दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और आईपीसी की धारा 354, 354ए, 354डी और 506 समेत अन्य धाराओं में चार्जशीट दाखिल की।
ट्रायल के बाद अदालत का फैसला
मई 2024 में अदालत ने प्रथम दृष्टया पर्याप्त आधार मानते हुए आरोप तय किए थे। हालांकि, ट्रायल के दौरान गवाहों की गवाही, जिरह और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंची कि आरोप कानूनी रूप से साबित नहीं हो सके। वहीं, नाबालिग पहलवान से जुड़े पॉक्सो मामले में शिकायत वापस लिए जाने के बाद पहले ही कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल की जा चुकी थी। अब अभियोजन पक्ष विस्तृत आदेश का अध्ययन करने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई पर फैसला करेगा।