Bankipur Upchunav 2026 Result LIVE: बांकीपुर में PK ने चौंकाया, 8वें राउंड के बाद बनाई 4656 वोटों की बढ़त
नई दिल्ली/पटना। बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के लिए मतगणना जारी है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी प्रशांत किशोर 8वें राउंड के बाद बनाई 4656 वोटों की बढ़त बनाए हुए हैं। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के उम्मीदवार नीरज कुमार दूसरे स्थान पर हैं जबकि आरजेडी प्रत्याशी रेखा कुमारी तीसरे नंबर पर हैं।
बता दें कि बांकीपुर सीट पर 30 जुलाई को मतदान हुआ था। पटना के बोरिंग रोड स्थित एएन कॉलेज में चल रही मतगणना में शुरुआती रुझानों के अनुसार, जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी प्रशांत किशोर लीड बनाए हुए हैं। बांकीपुर विधानसभा सीट बीजेपी का गढ़ मानी जाती रही है। इस बार उपचुनाव में प्रशांत किशोर भी मैदान में हैं। जनसुराज के संस्थापक इस सीट से अपनी चुनावी पारी की शुरुआत कर रहे हैं।
चुनाव आयोग और जिला प्रशासन ने काउंटिंग को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से पूरा कराने के लिए खास इंतजाम किए हैं। मतगणना के दिन इलाके में वाहनों की आवाजाही को सुचारू रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने विशेष दिशानिर्देश जारी किए हैं। प्रत्याशियों और उनके चुनाव एजेंटों की एंट्री के लिए एएन कॉलेज का गेट नंबर एक निर्धारित किया गया है, यहां से सख्त चेकिंग के बाद ही उन्हें अंदर जाने दिया जा रहा है।
bankipur-bypoll-counting: बांकीपुर में भाजपा और प्रशांत किशोर की प्रतिष्ठा का सवाल
बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट भाजपा नेता नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद विधायक पद से इस्तीफा देने के कारण रिक्त हुई थी। भाजपा ने इस सीट से नीरज कुमार सिन्हा को उम्मीदवार बनाया है, जबकि जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर पहली बार विधानसभा चुनावी मैदान में हैं।
बांकीपुर में अपेक्षाकृत कम मतदान को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं। वर्ष 2010 से अब तक इस सीट पर मतदान प्रतिशत में चार से पांच प्रतिशत तक उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, लेकिन जीत लगातार भाजपा के खाते में गई है। हालांकि इस बार मुकाबला अलग माना जा रहा है।
बांकीपुर में सवर्ण मतदाताओं की अच्छी संख्या है, जिनमें कायस्थ समाज का प्रभाव अधिक है। भाजपा प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा कायस्थ समुदाय से आते हैं, जबकि प्रशांत किशोर ब्राह्मण समाज से हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रशांत किशोर भाजपा के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगाने के साथ-साथ एनडीए और राजद, दोनों से नाराज मतदाताओं को अपने पक्ष में आकर्षित करने में सफल होते दिख रहे हैं।