Asaram: आसाराम को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं, अंतरिम जमानत खारिज; इस मामले में मिली छूट
सुप्रीम कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम को फिलहाल अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया। हालांकि, एम्स की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने उन्हें 24 घंटे...
Asaram: नई दिल्ली। नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल अंतरिम जमानत नहीं मिली है। हालांकि, अदालत ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए 24 घंटे देखभाल के लिए अपनी पसंद का एक प्रशिक्षित केयरटेकर रखने की अनुमति दे दी है।
एम्स की रिपोर्ट के आधार पर मिली राहत
न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति पी.बी. वराले की पीठ ने कहा कि एम्स की मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार आसाराम को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं है, लेकिन उन्हें लगातार चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता है। इसी आधार पर केयरटेकर रखने की अनुमति दी गई। अदालत ने यह भी कहा कि यदि भविष्य में उनकी तबीयत अधिक बिगड़ती है तो वे दोबारा अंतरिम जमानत के लिए आवेदन कर सकते हैं।
पैरोल को लेकर कोर्ट में हुई बहस
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि आसाराम ने पहले दायर पैरोल याचिका की जानकारी अदालत से छिपाई। इस पर बचाव पक्ष ने स्पष्ट किया कि पैरोल की अर्जी पहले दी गई थी और वह स्वास्थ्य कारणों पर आधारित नहीं थी। उल्लेखनीय है कि राजस्थान हाईकोर्ट हाल ही में आसाराम को 20 दिन की पैरोल दे चुका है।
2018 से काट रहे हैं उम्रकैद की सजा
आसाराम को 2013 में अपने आश्रम की नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के मामले में 25 अप्रैल 2018 को दोषी ठहराया गया था। राजस्थान हाईकोर्ट ने मई 2026 में उनकी उम्रकैद की सजा बरकरार रखी थी। फिलहाल वह जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं।