नई दिल्ली। हरियाणा के सरकारी फंड से जुड़े बैंक घोटाले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे मामले में नए दावे सामने आ रहे हैं। करीब ₹657 करोड़ के कथित फंड डायवर्जन से जुड़े इस मामले में अब CBI की जांच में एक महिला डांसर के बयान के आधार पर बैंक के पूर्व अधिकारी रिभव ऋषि की निजी जिंदगी और कुछ हाई-प्रोफाइल पार्टियों से जुड़े आरोप भी सामने आए हैं।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, रिभव ऋषि ने जिस महिला डांसर से संबंध बनाए थे, उस पर कथित तौर पर बड़ी रकम खर्च की। CBI को दिए बयान में महिला ने ऋषि के साथ मुलाकात, महंगे घर, विदेश यात्राओं और पार्टियों से जुड़ी जानकारी दी है। यही महिला कथित तौर पर उन पार्टियों में मौजूद रही, जिनमें कुछ सरकारी अधिकारियों के शामिल होने का आरोप जांच एजेंसी ने लगाया है।

रिभव ऋषि और डांसर की मुलाकात से शुरू हुई कहानी

द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, CBI जांच में सामने आया कि रिभव ऋषि की मुलाकात एक महिला डांसर से मार्च-अप्रैल 2025 के दौरान चंडीगढ़ में एक कार्यक्रम में हुई थी। महिला उस कार्यक्रम में डांस कर रही थी।

बाद में दोनों के बीच संपर्क बढ़ा। महिला ने CBI को बताया कि ऋषि ने उसके साथ भविष्य में दुबई में बसने की बात भी कही थी। जांच में सामने आए दावों के मुताबिक, ऋषि ने महिला पर बड़ी रकम खर्च की और उसके लिए दिल्ली में करीब ₹4 करोड़ का घर खरीदा।

हर महीने 10 लाख रुपये देने का आरोप

CBI को दिए महिला के बयान के हवाले से रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ऋषि ने उसे करीब ₹10 लाख प्रति महीने देने की बात कही थी।

रिपोर्ट के अनुसार, महिला ने बताया कि ऋषि ने उसके और अपने रिश्ते को आगे बढ़ाने के लिए उसे डांस का काम छोड़ने के लिए भी प्रोत्साहित किया। उसके रहने, यात्राओं और दूसरी सुविधाओं पर भी रकम खर्च किए जाने का आरोप है। जांच में ऋषि और महिला की दुबई सहित विदेश यात्राओं का भी जिक्र सामने आया है।

जेड मैनर की पार्टियों में क्या हुआ?

CBI जांच में सामने आया है कि जीरकपुर के जेड मैनर में कुछ पार्टियां आयोजित की जाती थीं। महिला ने जांच एजेंसी को बताया कि इन कार्यक्रमों में डांसरों पर नकदी उड़ाई जाती थी।

रिपोर्ट के अनुसार, प्रत्येक पार्टी में करीब 5-6 डांसर बुलाए जाने और एक कार्यक्रम पर लगभग ₹15-20 लाख खर्च होने का दावा किया गया है। महिला ने कथित तौर पर यह भी बताया कि इन कार्यक्रमों के लिए नकदी की व्यवस्था रिभव ऋषि करता था। CBI जांच में कुछ सरकारी अधिकारियों और रसूखदार के इन कार्यक्रमों में शामिल होने का पता चला है।

IAS पंकज अग्रवाल का नाम भी जांच में

इस मामले में 2000 बैच के हरियाणा कैडर के IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल भी आरोपी हैं। CBI ने आरोप लगाया है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कुछ सरकारी संस्थाओं के बैंक खाते IDFC First Bank में खुलवाने में भूमिका निभाई और इन खातों से जुड़े कथित फर्जी लेन-देन से सरकारी धन के नुकसान का मामला सामने आया।

पंकज अग्रवाल को जून 2026 में CBI ने गिरफ्तार किया था और वह न्यायिक हिरासत में रहे हैं। बाद में उनकी जमानत याचिका भी खारिज हुई। हालांकि, उन्होंने अदालत में आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि उन्होंने अधीनस्थ अधिकारियों के प्रस्तावों पर प्रशासनिक मंजूरी दी थी और किसी से रिश्वत नहीं मांगी या ली।

डांसर के बयान में पंकज अग्रवाल का दावा

CBI को दिए बयान में महिला ने पंकज अग्रवाल के कई पार्टियों में शामिल होने की बात कही है। महिला के अनुसार, रिभव द्वारा आयोजित करीब 6-7 कार्यक्रमों में अग्रवाल मौजूद थे और डांसरों पर पैसे उड़ाते थे।

CBI ने छह IAS अधिकारियों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट

सितंबर 2026 में CBI ने हरियाणा से जुड़े ₹504 करोड़ के मामले में 19 आरोपियों के खिलाफ तीसरी चार्जशीट दाखिल की। इसमें छह हरियाणा कैडर के IAS अधिकारी, IDFC First Bank के तीन अधिकारी, AU Small Finance Bank का एक अधिकारी और हरियाणा सरकार के नौ अन्य अधिकारियों के नाम शामिल हैं।

चार्जशीट में जिन छह IAS अधिकारियों के नाम बताए गए हैं, उनमें मोहम्मद शायिन, विनीत गर्ग, डॉ. साकेत कुमार, पंकज अग्रवाल, राम कुमार सिंह और सेवानिवृत्त IAS अधिकारी प्रदीप कुमार शामिल हैं।

CBI के मुताबिक, सरकारी विभागों के फंड को कुछ चुनिंदा बैंक शाखाओं में ट्रांसफर करने और उसके बाद कथित फर्जी लेन-देन के जरिए तीसरे पक्ष के खातों तक पहुंचाने की साजिश रची गई।

रिभव ऋषि पर क्या आरोप हैं?

CBI के अनुसार रिभव ऋषि इस कथित साजिश का प्रमुख आरोपी है। जांच में उसके निजी खातों में करोड़ों रुपये के लेन-देन और सरकारी फंड से जुड़े कथित ट्रांजैक्शन की जांच की गई है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, CBI का दावा है कि ऋषि से जुड़ी कंपनियों से उसके व्यक्तिगत खातों में करोड़ों रुपये आए। एजेंसी ने उसके खिलाफ कई फर्जी debit transactions में भूमिका होने का भी आरोप लगाया है।

CBI ने यह भी आरोप लगाया है कि कथित तौर पर डायवर्ट किए गए पैसों का इस्तेमाल प्रॉपर्टी, होटल, पार्टियों और विदेश यात्राओं जैसी चीजों पर किया गया।

जांच अभी जारी है

CBI ने अब तक इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है और बड़ी संख्या में तलाशी लेकर दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं। सितंबर में दाखिल तीसरी चार्जशीट के बाद हरियाणा वाले मामले में चार्जशीट किए गए आरोपियों की कुल संख्या 37 हो गई।

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