नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में CISF कैंप के अंदर मंगलवार शाम फायरिंग की घटना से हड़कंप मच गया। बसोहली के माश्का इलाके में सेवा हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की सुरक्षा में तैनात एक हेड कांस्टेबल ने अपने साथियों पर कथित तौर पर सर्विस राइफल से गोलियां चला दीं। घटना में असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडेय समेत चार CISF जवानों की मौत हो गई।

असिस्टेंट कमांडेंट समेत 4 की मौत

मृतकों में असिस्टेंट कमांडेंट एवं कंपनी कमांडर अंकित कुमार पांडेय, सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह और कांस्टेबल संजीव कुमार व मोहम्मद रफीक शामिल हैं। फायरिंग के बाद चारों को हिमाचल प्रदेश स्थित NHPC अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

बच्चे को कैंप लाने को लेकर विवाद की बात

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आरोपी हेड कांस्टेबल अवधेश कुमार सिंह का अपने साथियों के साथ किसी मुद्दे को लेकर विवाद हुआ था। कुछ रिपोर्टों में विवाद की वजह पत्नी और बच्चे को ड्यूटी के दौरान साइट पर लाने से जुड़ी बताई गई है। हालांकि, CISF और पुलिस ने फायरिंग की पूरी वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और मामले की जांच जारी है।

आरोपी हिरासत में, कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश

आरोपी 2009 बैच के हेड कांस्टेबल को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। उसकी सर्विस राइफल भी कब्जे में ली गई है। पुलिस घटनाक्रम की जांच कर रही है, जबकि CISF ने मामले की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए आंतरिक जांच/कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिए हैं।

Tags: