अब ‘एनर्जी ड्रिंक’ नहीं कहलाएंगी Sting और Red Bull जैसी ड्रिंक, FSSAI ने जारी किए नए निर्देश
नई दिल्ली। देश में एनर्जी ड्रिंक के नाम से बिकने वाले कई लोकप्रिय पेय पदार्थों को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने Pepsi, Red Bull, Monster, Campa Energy, Sting और Hell Energy जैसी कंपनियों को अपने उत्पादों से ‘Energy Drink’ शब्द हटाने का निर्देश दिया है। FSSAI का कहना है कि भारत में फिलहाल ‘एनर्जी ड्रिंक’ नाम की कोई आधिकारिक श्रेणी मौजूद नहीं है, इसलिए इस तरह के दावे उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकते हैं।
‘तुरंत ऊर्जा देने’ जैसे दावों पर उठे सवाल
FSSAI के अनुसार, किसी भी पेय पदार्थ को खुद को एनर्जी ड्रिंक बताना या यह दावा करना कि इससे शरीर और दिमाग को तुरंत ऊर्जा मिलती है, थकान या कमजोरी दूर होती है, वैज्ञानिक रूप से स्पष्ट नहीं है। इसी वजह से नियामक ने कंपनियों को अपने लेबल, पैकेजिंग और प्रचार सामग्री में बदलाव करने के निर्देश दिए हैं।
बड़ी कंपनियों पर पड़ेगा असर
इस फैसले का सीधा असर देश और दुनिया की कई बड़ी कंपनियों पर पड़ेगा। Pepsi, Red Bull, Monster Beverage, Campa Energy, Sting और Hell Energy जैसी कंपनियों को अपने उत्पादों की पैकेजिंग में बदलाव करना होगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनियों ने शुरुआत में इस फैसले पर आपत्ति जताई थी और कहा था कि ‘Energy Drink’ शब्द उनके ब्रांड की पहचान से जुड़ा हुआ है।
हालांकि, FSSAI ने साफ कर दिया कि नियमों का पालन करना होगा। कंपनियों को नए नियमों के अनुसार लेबल बदलने के लिए करीब 90 दिनों का समय दिया गया है।
हाई कैफीन वाले पेय पदार्थों को लेकर बढ़ रही चिंता
दुनिया के कई देशों में ज्यादा कैफीन और शुगर वाले पेय पदार्थों को लेकर चिंता जताई जा रही है। इन ड्रिंक्स में कैफीन, चीनी और टॉरिन की मात्रा अधिक होने के कारण स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी सावधानी बरतने की सलाह देते हैं।
इसी तरह इंग्लैंड ने भी 16 साल से कम उम्र के बच्चों को हाई कैफीन वाले एनर्जी ड्रिंक बेचने पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी की है।
भारत में तेजी से बढ़ा एनर्जी ड्रिंक बाजार
भारत में पिछले कुछ वर्षों में ऐसे पेय पदार्थों का बाजार तेजी से बढ़ा है। खासकर साल 2017 में Sting के लॉन्च के बाद कम कीमत वाले एनर्जी ड्रिंक्स युवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में काफी लोकप्रिय हुए। 20 रुपये के आसपास मिलने वाली इन ड्रिंक्स की बिक्री में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है।