Mudra Yojana : दिवाली से पहले छोटे उद्यमियों को सरकार का बड़ा तोहफा, बिना गारंटी के मिलेगा 20 लाख तक का लोन...
यह सुविधा छोटे उद्यमियों के विकास में सहायक सिद्ध होगी और उन्हें अपने व्यवसाय का विस्तार करने का अवसर मिलेगा।
By : Rohit Banchhor
Update: 2024-10-26 10:09 GMT
Mudra Yojana : नई दिल्ली। दिवाली से पहले छोटे और सूक्ष्म उद्यमियों के लिए एक बड़ी राहत के रूप में, सरकार ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) के तहत लोन की सीमा बढ़ा दी है। अब, बिना किसी गारंटी के छोटे उद्यमियों को 20 लाख रुपये तक का लोन मिल सकेगा। वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी की, जो छोटे उद्यमियों के लिए एक अहम अवसर लेकर आई है।
Mudra Yojana : लोन सीमा में वृद्धि: ‘तरुण प्लस’ श्रेणी के तहत नया बदलाव
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2024-25 में इस नई सीमा की घोषणा की थी, और अब इसे औपचारिक रूप से लागू कर दिया गया है। अधिसूचना के अनुसार, ‘तरुण प्लस’ श्रेणी के अंतर्गत 10 लाख से 20 लाख रुपये तक का लोन उन उद्यमियों को मिलेगा, जिन्होंने पहले का लोन सफलतापूर्वक चुका दिया है। यह सुविधा छोटे उद्यमियों के विकास में सहायक सिद्ध होगी और उन्हें अपने व्यवसाय का विस्तार करने का अवसर मिलेगा।
Mudra Yojana : प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की पृष्ठभूमि
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की शुरुआत 8 अप्रैल, 2015 को हुई थी। इसका उद्देश्य गैर-कॉरपोरेट और गैर-कृषि छोटे एवं सूक्ष्म उद्यमियों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है, ताकि वे बिना गारंटी के आसानी से लोन प्राप्त कर सकें। इस योजना के अंतर्गत तीन श्रेणियों में लोन उपलब्ध कराए जाते हैं:
शिशु: 50,000 रुपये तक
किशोर: 50,000 रुपये से 5 लाख रुपये तक
तरुण: 10 लाख रुपये तक (अब बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया गया)
Mudra Yojana : पात्रता और शर्तें
उम्र: आवेदनकर्ता की उम्र 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
नागरिकता: आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए।
बैंक हिस्ट्री: लोन प्राप्त करने के लिए आवेदक की बैंकिंग डिफॉल्ट हिस्ट्री साफ-सुथरी होनी चाहिए।
कॉरपोरेट संस्थाएँ: यह योजना केवल व्यक्तिगत उद्यमियों और छोटे कारोबारियों के लिए है; कॉरपोरेट संस्थाएँ इसके अंतर्गत नहीं आती हैं।
Mudra Yojana : उद्देश्य और लाभ
मुद्रा योजना के इस संशोधित नियम का उद्देश्य अधिक से अधिक छोटे उद्यमियों को अपनी व्यापारिक गतिविधियों का विस्तार करने में मदद करना है। खासकर दिवाली जैसे प्रमुख त्योहार के समय यह योजना छोटे व्यवसायों को आर्थिक मजबूती प्रदान करेगी और देश की अर्थव्यवस्था में उनकी हिस्सेदारी को बढ़ाने में सहायता करेगी।