निवाड़ी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कृषि को केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि किसानों के लिए लाभकारी व्यवसाय बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को उन्नत कृषि तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज, आधुनिक कृषि यंत्र और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराकर उनकी आय में वृद्धि करना सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बलराम कृषि महोत्सव के अवसर पर निवाड़ी में आयोजित कार्यक्रम में नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सहभागिता की। इस दौरान उन्होंने किसानों से सीधा संवाद किया और कृषि क्षेत्र में हो रहे बदलावों, आधुनिक तकनीकों के उपयोग और किसानों की आर्थिक मजबूती को लेकर चर्चा की।

कृषि बनेगी प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार

मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में कृषि क्षेत्र मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ बनने जा रहा है। किसानों की समृद्धि ही प्रदेश की समृद्धि की सबसे बड़ी गारंटी है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पारंपरिक खेती के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन, श्रीअन्न उत्पादन, मत्स्य पालन और उद्यानिकी जैसी गतिविधियों को अपनाकर अपनी आय के नए स्रोत विकसित करें।

उन्होंने कहा कि सरकार खेत से लेकर बाजार और फैक्ट्री तक किसानों के साथ खड़ी है। कृषि उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और किसानों को आधुनिक संसाधनों से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

नई तकनीक और प्राकृतिक खेती से बढ़ेगा उत्पादन

सीएम डॉ. यादव ने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत बीज, वैज्ञानिक पद्धतियों और कृषि यंत्रों के उपयोग से उत्पादन बढ़ाने के साथ खेती की लागत को भी कम किया जा सकता है। उन्होंने किसानों को प्राकृतिक और जैविक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि कम लागत में बेहतर गुणवत्ता वाला उत्पादन किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बलराम कृषि महोत्सव जैसे आयोजन किसानों को कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों से सीधे जुड़ने का अवसर देते हैं। यहां किसान नई तकनीक, कृषि उपकरणों और आधुनिक खेती के तरीकों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

किसानों को सिंचाई और बिजली सुविधा देने पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को पर्याप्त बिजली, सिंचाई सुविधाएं और कृषि अधोसंरचना उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए शासन संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है और हर परिस्थिति में किसानों के साथ खड़ा है।

उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कृषि के साथ पशुपालन, पर्यटन और अन्य रोजगार आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने की बात कही। मुख्यमंत्री ने किसानों से कृषि विशेषज्ञों का मार्गदर्शन लेकर आधुनिक तकनीकों को अपनाने की अपील की।

किसान कल्याण वर्ष में कई योजनाओं पर काम

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसके तहत किसानों के हित में कई योजनाएं और कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण सुविधा दी जा रही है।

उन्होंने बताया कि खरीफ और रबी फसलों के लिए ऋण चुकाने की अवधि को बढ़ाकर एक वर्ष कर दिया गया है। अब किसान ऋण लेने की तारीख से एक साल के भीतर भुगतान कर सकेंगे। इसके अलावा प्रदेश में करोड़ों किसानों को सब्सिडी पर उन्नत बीज उपलब्ध कराए गए हैं।

प्रगतिशील किसानों और मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान

कार्यक्रम के दौरान कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों और मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। संरक्षित खेती, औषधीय खेती, निजी कस्टम हायरिंग सेंटर, ई-कृषि यंत्र अनुदान, डेयरी प्लस, गौ-मैत्री योजना, प्राकृतिक खेती और मत्स्य बीज उत्पादन जैसे क्षेत्रों में बेहतर कार्य करने वाले किसानों को सम्मान मिला।

इसके अलावा शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय निवाड़ी की छात्रा शिवानी कुशवाहा को कक्षा 10वीं परीक्षा में प्रदेश की प्रवीण सूची में 9वां स्थान प्राप्त करने पर सम्मानित किया गया। जिले के अन्य मेधावी विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया।

किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बढ़ रहा MP

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाना और कृषि को आर्थिक विकास का प्रमुख आधार बनाना है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक, बेहतर संसाधन और सरकारी योजनाओं के माध्यम से मध्यप्रदेश के किसान नई ऊंचाइयों तक पहुंचेंगे।

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