दुबई। मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुबई में आयोजित AIM Congress 2026 में निवेशकों को संबोधित किया। ‘Investment Destination: Madhya Pradesh’ सत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश और दुबई के संबंध मजबूत और स्वाभाविक हैं। प्रदेश निवेशकों के लिए भरोसेमंद साझेदार बनकर नई संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश अतुल्य भारत का हृदय प्रदेश है और राज्य सरकार दुनिया भर के निवेशकों के लिए खुले अवसर लेकर आई है। उन्होंने उद्योगपतियों से मध्यप्रदेश में निवेश करने का आह्वान करते हुए कहा कि राज्य की औद्योगिक नीतियां पारदर्शी, सरल और निवेशक हितैषी हैं। सरकार निवेशकों को हर संभव सहयोग देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

मध्यप्रदेश में निवेश के लिए अनुकूल माहौल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज पूरी दुनिया में निवेश के लिए नए गंतव्यों की तलाश हो रही है। ऐसे समय में मध्यप्रदेश अपनी मजबूत नीतियों, बेहतर अधोसंरचना और कुशल मानव संसाधन के साथ निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बनकर उभर रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है और मध्यप्रदेश इस विकास यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रदेश ने अपनी उद्योग अनुकूल नीतियों और पारदर्शी व्यवस्था के जरिए निवेशकों का विश्वास हासिल किया है।

कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स में मध्यप्रदेश की बड़ी ताकत

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के केंद्र में स्थित होने के कारण बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ उठाता है। राज्य से देश के प्रमुख बाजारों तक पहुंच आसान है।

उन्होंने बताया कि दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, मजबूत रेल नेटवर्क, आधुनिक लॉजिस्टिक्स सुविधाएं और 24 घंटे माल परिवहन की व्यवस्था प्रदेश को उद्योगों के लिए बेहतर स्थान बनाती हैं। उन्होंने कहा कि कृषि, उद्योग, सेवा क्षेत्र और नई तकनीक आधारित अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है।

टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल और ग्रीन एनर्जी में बड़े अवसर

मुख्यमंत्री ने निवेशकों को मध्यप्रदेश के प्रमुख क्षेत्रों की जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश में टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग, फूड प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स और रिन्यूएबल एनर्जी में अपार संभावनाएं हैं।

उन्होंने कहा कि चंदेरी और महेश्वरी जैसे पारंपरिक वस्त्रों से लेकर आधुनिक टेक्सटाइल निर्माण तक मध्यप्रदेश अपनी अलग पहचान बना रहा है। वहीं पीथमपुर और मंडीदीप जैसे औद्योगिक क्षेत्र देश की बड़ी कंपनियों के प्रमुख केंद्र बन चुके हैं।

डिजिटल और भविष्य की तकनीक पर भी जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश अब केवल पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं है। राज्य डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑप्टिकल फाइबर, ग्रीन एनर्जी और भविष्य की तकनीकों के लिए मजबूत इकोसिस्टम तैयार कर रहा है। उन्होंने कहा कि निवेश केवल संसाधनों से नहीं बल्कि भरोसे से आता है और मध्यप्रदेश निवेशकों के लिए ऐसा ही भरोसेमंद साथी है।

UAE मंत्री ने की मध्यप्रदेश की क्षमताओं की सराहना

UAE के फॉरेन ट्रेड मिनिस्टर डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ेयूदी ने मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमता और प्राकृतिक संसाधनों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत और UAE के बीच आर्थिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और मध्यप्रदेश इसमें अहम भूमिका निभा सकता है।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में प्राकृतिक संसाधनों के साथ-साथ कुशल मानव संसाधन भी उपलब्ध है। दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश बढ़ाने के लिए मिलकर काम किया जाएगा।

भारत-UAE संबंधों में मध्यप्रदेश की अहम भूमिका

UAE में भारत के उच्चायुक्त डॉ. दीपक मित्तल ने कहा कि भारत की विकास यात्रा में मध्यप्रदेश एक महत्वपूर्ण ग्रोथ इंजन के रूप में उभर रहा है।उन्होंने कहा कि भारत और UAE के बीच व्यापारिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और आने वाले समय में मध्यप्रदेश इन संबंधों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

CEPA के जरिए बढ़ेंगे व्यापारिक अवसर

औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने निवेश सत्र में मध्यप्रदेश की आर्थिक प्रगति, निवेश नीतियों और औद्योगिक सुविधाओं का प्रस्तुतीकरण दिया।

उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश देश की लगभग 60 प्रतिशत आबादी तक आसान पहुंच प्रदान करता है। फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, खनन और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में निवेश की बड़ी संभावनाएं हैं।

उन्होंने कहा कि दुबई और मध्यप्रदेश के बीच CEPA (Comprehensive Economic Partnership Agreement) के माध्यम से आर्थिक संबंधों को और मजबूत किया जा सकता है।

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 के लिए दिया आमंत्रण

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वैश्विक निवेशकों और उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने आगामी Global Investors Summit 2027 में भागीदारी का भी आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की नीति, नीयत और नेतृत्व निवेशकों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश को औद्योगिक विकास, रोजगार और वैश्विक साझेदारी का प्रमुख केंद्र बनाया जाए।

Tags: